छत्तीसगढ़ में आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने रायपुर शहर में कार्रवाई कर इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के लिए काम करने के आरोप में दो नाबालिगों को पकड़ा है. पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारियों ने (dangerous plan of ISIS) बताया कि एटीएस ने ISIS के लिए काम कर रहे दो नाबालिगों को पकड़ा है. जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आईएसआईएस के पाकिस्तान में स्थित मॉड्यूल ने भारत में अस्थिरता फैलाने और आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित करने के उद्देश्य से फर्जी और छद्म पहचान वाले सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल किया.
ये हैंडलर इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से भारतीय युवाओं और किशोरों को बरगलाने, भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने तथा उग्र हिंसा, कट्टरपंथीकरण और जिहादी विचारधारा के प्रसार का काम कर रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि इस मॉड्यूल से जुड़े पाकिस्तानी हैंडलरों ने नाबालिग भारतीय किशोरों को अपने इंस्टाग्राम ग्रुप चैट में जोड़कर उन्हें व्यवस्थित तरीके से कट्टरपंथी बनाया.
किशोरों को छत्तीसगढ़ में आईएसआईएस का मॉड्यूल खड़ा करने के लिए प्रेरित किए जाने के साक्ष्य भी सामने आए हैं. उन्होंने बताया कि एटीएस और संबद्ध जांच एजेंसियों की सतर्कता तथा निरंतर साइबर निगरानी के फलस्वरूप आईएसआईएस से प्रभावित दो किशोरों की पहचान की गई. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ ‘विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967’ के तहत कार्रवाई की गई है.
dangerous plan of ISIS – उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि रायपुर के दो नाबालिग आईएसआईएस से जुड़े थे तथा वे पाकिस्तानी मॉड्यूल के निर्देश पर काम कर रहे थे. वे सोशल मीडिया पर सक्रिय थे तथा फर्जी आईडी बना रखी थी. वे इससे खुद ही प्रभावित हैं तथा इंस्टाग्राम पर अन्य लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे. वे इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग इसी काम के लिए कर रहे थे.
