छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक महिला थानेदार की कार्यवाही से तस्करों में हड़कंप मच गया. नशे के खिलाफ एक बड़े अभियान को टारगेट किया गया और अफीम की खेती पर छापेमारी की गई. यह खेती (illegal cultivation of opium) सरसों के खेत में चल रही थी. मुखबिर की सूचना पर महिला थानेदार ने 6 पुलिस जवानों के साथ जब अफीम के खेत पर छापा डाला तो पुलिस के होश उड़ गए. पुलिस ने 50 हजार से ज्यादा अफीम के पेड़ जब्त किए हैं. जिनकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है.
सरसों के खेत में अफीम की खेती
बुंदेलखंड के छतरपुर में अफीम की खेती पर गढ़ीमलहरा पुलिस की बड़ी कार्यवाही देखने को मिली. उर्दमऊ गाँव में मलखान कुशवाहा अपने सरसों के खेत में अफीम की फसल उगा रहा था. जिसकी भनक गांव में किसी को नही थी. लेकिन मुखबिर की सूचना जब गढ़ीमलहरा टीआई रीता सिंह को मिली तो रीता सिंह के भी होश उड़ गए. महिला टीआई ने जिले के बड़े अधिकारियों को सूचित कर 6 पुलिस जवानों की टीम तैयार की और आधीरात को उर्दूमऊ में अफीम की खेती पर छापा डाल दिया.
50 हजार से ज्यादा पेड़ जब्त
जब पुलिस खेत में पहुंची तो देखकर दंग रह गई. जिस खेत में सरसों होना चाहिए था वहां अफीम की खेती चल रही थी. पुलिस ने खेती करते हुए एक आरोपी मलखान कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिए है. उससे जब पूछताछ की तो उसने बताया, ”यह खेती वह आधा एकड़ में कर रहा था.” वहीं, टीआई रीता सिंह ने बताया, ”जब अफीम के (illegal cultivation of opium) पेड़ों की गिनती शुरू करवाई तो सभी के पसीने छूट गए. खेती के पेड़ों की गिनती करने के लिए कुछ लोगों की मदद ली गई. जब गिनती शुरू हुई तो लगभग 50 हजार पेड़ से ज्यादा बरामद किये गए, जिनकी कीमत आज करोड़ों में है.”

