वाराणसी/मुंबई: रक्षाबंधन के पावन पर्व से पूर्व एक प्रमुख ज्वैलरी ब्रांड का नया विज्ञापन सोशल मीडिया पर चर्चा और तीखे विवाद का केंद्र बन गया है। इस विज्ञापन में बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन (Controversy over tying Rakhi to a dog) एक पालतू कुत्ते को राखी बांधती हुई नजर आ रही हैं। विज्ञापन जारी होते ही इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
Controversy over tying Rakhi to a dog – जहां कुछ लोग इसे पालतू पशुओं के प्रति प्रेम और भावनात्मक लगाव का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोगों और काशी के धार्मिक विद्वानों ने इसे सनातन संस्कृति और रक्षाबंधन के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
काशी के विद्वानों ने जताया कड़ा विरोध
काशी के विद्वान आचार्य पवन त्रिपाठी ने विज्ञापन को सनातन विरोधी करार देते हुए कहा कि रक्षाबंधन एक पवित्र वैदिक परंपरा है, लेकिन आधुनिक व्यापारीकरण के चलते इसका मूल स्वरूप विकृत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वैदिक काल में पुरोहित अपने यजमानों को और गुरु अपने शिष्यों को रक्षा सूत्र बांधते थे।
क्या पालतू जानवरों को राखी बांधना धर्म सम्मत है?
शास्त्रों के अनुसार, मूक प्राणियों के प्रति करुणा और सेवा धर्म का अंग है, लेकिन रक्षाबंधन का अनुष्ठानिक सूत्र मनुष्यों के पारस्परिक दायित्व, सुरक्षा और संकल्प का प्रतीक है। इसी अंतर और धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन को लेकर विद्वान इस विज्ञापन का विरोध कर रहे हैं।
