मध्य पूर्व तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका दायरा फैलता जा रहा है. जहां इजराइल-अमेरिकी लगातार ईरान के अलग-अलग शहरों पर बमबारी कर रहे हैं, वहीं ईरान भी क्षेत्र में मौजूद (conspiracy to trap Iran in world war) अमेरिकी सैन्य अड्डों और इजराइल को निशाना बना रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति मध्य पूर्व के देशों से अपील कर रहे हैं कि वह भी ईरान के खिलाफ इस युद्ध में शामिल हों.
ईरानी सेना का कहना है कि US और इजराइल, तेहरान को क्षेत्रीय हमलों में फंसाने के लिए नकली ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. मतलब वह ईरान का नाम लगाने के लिए पड़ोसी देशों पर खुद हमले कर रहे हैं. ईरान के खातम अल-अंबिया ऑफिस ने US और इजराइल पर आरोप लगाया है कि वे क्षेत्रीय हमलों के लिए ईरानी शाहिद ड्रोन की नकल लुकास ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और इन हमलों का आरोप ईरानी सेना पर लगा रहे हैं.
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conspiracy to trap Iran in world war – IRIB ब्रॉडकास्ट की ओर से जारी एक बयान में कमांड ने कहा, “इसका उदाहरण हाल के दिनों में तुर्की, कुवैत और इराक जैसे पड़ोसी और मित्र देशों के केंद्रों पर हुए भीषण हमले हैं और इन हमलों का आरोप ईरानी सशस्त्र बलों पर लगाए जाना है.”
बयान में कहा गया कि इस रणनीति का मकसद ईरानी सेना की डिफेंसिव, कानूनी और वैध कार्रवाइयों को कमजोर करना है, साथ ही तेहरान और उसके पड़ोसियों के बीच असंतोष और फूट पैदा करना है. कमांड ने दोहराया कि ईरान सिर्फ US और इजराइल के लक्ष्यों, केंद्रों और हितों पर ही हमला करता है और कहा कि वह जिस भी जगह को निशाना बनाएगा, उसकी जिम्मेदारी एक आधिकारिक घोषणा जारी करके लेगा.


