ग्वालियर : पूर्व सांसद और सामाजिक कार्यकर्ता फूलसिंह बरैया ने हाल ही में मोदी सरकार, बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला किया है। बरैया का कहना है कि इन संगठनों ने अपने राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए धीरेंद्र शास्त्री जैसे लोगों को बढ़ावा दिया है, जिनकी बातों में अंधविश्वासी लोग आसानी से प्रभावित होते हैं (Trying to bring into Hinduism) और इसके चलते वोट भी देते हैं। बरैया ने कहा कि इस रणनीति के कारण सामाजिक विघटन और सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई आदिवासी और अन्य समुदाय खुद को हिंदू धर्म का हिस्सा नहीं मानते।
Trying to bring into Hinduism – बरैया ने आरोप लगाया कि बीजेपी, आरएसएस और उनके समर्थक उन लोगों को हिंदू धर्म के अंतर्गत लाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें परंपरागत हिंदू समाज में ‘शूद्र’ वर्ग माना गया है। उनका कहना है कि यह सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से उचित नहीं है और इस तरह की राजनीति समाज में असमानता और भेदभाव को और बढ़ाती है।
फूलसिंह बरैया ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के वीआईपी दर्शन बैन करने के ऐलान पर कहा कि बागेश्वर बाबा खुद एक कथा के लगभग 2 करोड़ रुपए लेते हैं, जो गरीब के बस की बात नहीं। इतना पैसा तो एक अमीर वर्ग ही चुका पाता है। ऐसे कल्चर देश में सामाजिक-आर्थिक विभाजन को और गहरा कर देते हैं। बरैया ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों में ऐसा अंधविश्वास फैलाया जा रहा है, जो विज्ञान के खिलाफ है। इससे समाज में अंधविश्वास बढ़ता है और देश में वैज्ञानिक प्रगति रूक जाती है।
