बलौदाबाजार: जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है. इसी क्रम में कलेक्टर कुलदीप शर्मा कसडोल विकासखंड के ग्राम अमोदी पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर सोखता गड्ढा बनाने के लिए श्रमदान किया. इस पहल से गांव में पानी बचाने को लेकर जागरूकता बढ़ी और ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला.

कलेक्टर ने मिट्टी हटाई, ईंट लगाई

कलेक्टर ने प्राथमिक कृषि साख समिति परिसर के पास ‘मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0’ के तहत सोखता गड्ढा निर्माण कार्य में स्वयं श्रमदान किया. उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर मिट्टी हटाई और निर्माण कार्य में हिस्सा लिया. प्रशासन की इस पहल से गांव में जल संरक्षण का सकारात्मक संदेश गया.

पानी जीवन का आधार है और इसका संरक्षण हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है. लगातार बढ़ते भूजल दोहन के कारण कई जगहों पर जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है. हैंडपंप और नलों से निकलने वाला पानी अक्सर बहकर बर्बाद हो जाता है. इस पानी को सोखता गड्ढे के जरिए जमीन में समाहित किया जाए तो भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिल सकती है. ग्रामीणों से अपील है कि हर घर और सार्वजनिक स्थानों के पास सोखता गड्ढा बनाया जाए.- कुलदीप शर्मा, कलेक्टर

पंचायत से ली जानकारी

कलेक्टर ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव से गांव में किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की जानकारी ली. उन्हें बताया गया कि गांव में 7 हैंडपंपों के पास सोखता गड्ढा बनाए जा चुके हैं. कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे और व्यापक स्तर पर करने का सुझाव दिया.

सहकारी समिति का निरीक्षण

ग्राम भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने प्राथमिक कृषि साख समिति का भी निरीक्षण किया. उन्होंने धान उठाव, सूखत, केसीसी वितरण, पैक्स में एंट्री और खाद भंडारण की जानकारी ली. समिति प्रबंधक ने बताया कि खरीदे गए धान का शत-प्रतिशत उठाव हो चुका है और सभी जरूरी प्रविष्टियां पूरी कर ली गई हैं. किसानों को माइक्रो एटीएम के माध्यम से पैसे निकालने की सुविधा भी दी जा रही है.

पीडीएस दुकान का भी किया निरीक्षण

कलेक्टर ने गांव की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) दुकान का भी जायजा लिया. उन्होंने चावल की गुणवत्ता, खाद्यान्न भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली. ग्रामीणों से चर्चा के दौरान पता चला कि दुकान नियमित रूप से खुलती है और उन्हें समय पर राशन मिल रहा है.

जनभागीदारी पर दिया जोर

कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. जब प्रशासन और ग्रामीण मिलकर काम करेंगे तभी स्थायी परिणाम मिलेंगे. सोखता गड्ढा जैसे छोटे उपाय गांवों में जल संकट कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

अधिकारियों की रही मौजूदगी

इस दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्या अग्रवाल, एसडीएम आर.आर. दुबे, खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा, उपायुक्त सहकारिता उमेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

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