मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि दिल्ली महज एक शहर नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत सभ्यता है, जो महाभारत के इंद्रप्रस्थ से लेकर आधुनिक लोकतांत्रिक स्थान तक निरंतर सांस्कृतिक विकास से आकार ले रही है. रेखा गुप्ता ने राजधानी में लाल किला परिसर में आयोजित यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की (Delhi is not just a city) सुरक्षा के लिए अंतर-सरकारी समिति के 20वें सत्र में यह टिप्पणी की.
उन्होंने कहा कि भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत वेदों, उपनिषदों और योग से लेकर त्योहारों, अनुष्ठानों और प्रदर्शन कलाओं तक फैली हुई है, जो संग्रहालयों में नहीं, बल्कि यहां के लोगों के रोजमर्रा के जीवन में पनपती है.
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सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि तीव्र आधुनिकीकरण, जलवायु परिवर्तन, प्रवासन और डिजिटल परिवर्तन के कारण अमूर्त विरासत का संरक्षण पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है. उन्होंने कहा कि वैश्विक मंचों पर पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और सांस्कृतिक प्रथाओं को बढ़ावा देने पर भारत का हालिया जोर, देश की सांस्कृतिक जड़ों और सभ्यतागत पहचान को मजबूत करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नजरिए को दर्शाता है.
Delhi is not just a city – लाल किले पर आज से 13 दिसंबर तक यूनेस्को की इंटरगर्वमेंटल कमिटी की सांस्कृतिक विरासत को लेकर 20 वां सत्र आयोजित होने जा रहा है. भारत पहली बार इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिसमें 180 से ज्यादा देशों से करीब एक हजार प्रतिनिधि शामिल होंगे. मुख्यमंत्री चाहती हैं कि विदेशी मेहमान सिर्फ सम्मेलन ही नहीं, बल्कि पुरानी दिल्ली की सांस्कृतिक रोशनी, उसके खान-पान और विरासत का अनुभव भी लें.


