चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने अपने 18 महीने के कार्यकाल में कई जन-समर्थक और विकासोन्मुख फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा, “मैं पंजाब बोलदां हन’ बहस के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यभार संभालने के बाद से राज्य सरकार ने समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए अग्रणी पहल की है (Punjab Govt Report Card) और कहा कि 18 महीने की आम आदमी सरकार ने पिछली सरकारों की ‘तथाकथित उपलब्धियों’ पर ग्रहण लग गया।”
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में अभूतपूर्व विकास और प्रगति के एक नये युग की शुरुआत की है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार के कड़े प्रयासों के कारण पंजाब आज हर क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय सूझबूझ के साथ कई फैसले लिए हैं, जिसके कारण राज्य का अपना कर राजस्व 2012-17 में अकाली शासन के दौरान 8% और 2017-22 में कांग्रेस शासन के दौरान 6.1% की तुलना में 13.2% बढ़ गया है।इसी तरह, उन्होंने कहा कि वैट/जीएसटी संग्रह में भी 16.6% की बढ़ोतरी की मांग की गई है, राज्य उत्पाद शुल्क में 37% की वृद्धि हुई है, स्टांप और पंजीकरण में 27.8% और वाहनों पर कर में 13.3% की वृद्धि हुई है।
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Punjab Govt Report Card – भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के साथ-साथ करों में चोरी पर भी अंकुश लगाया है, जिसके कारण राज्य सरकार की आय में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 1400 किलोमीटर लंबी नहरों को बहाल किया है, जिन्हें कई वर्षों से राज्य सरकारों ने छोड़ दिया था। अधूरी नहरों का निर्माण आवश्यक लंबाई तक किया जा रहा है और कहा कि राज्य सरकार ने 20 से 30 वर्षों से छोड़े गए 15000 से अधिक जल चैनलों में से एक वर्ष के भीतर 13,471 जल चैनलों (खाल) को बहाल कर दिया है।
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भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहले की नीति के विपरीत अब उन जल नहरों की मरम्मत की जा रही है, जिनकी निर्माण के 25 साल बाद भी मरम्मत नहीं हुई थी।इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020-21 (77 करोड़ रूपये) की तुलना में वर्ष 2023-24 में नहरों एवं जलधाराओं की मरम्मत का तीन गुना अधिक (228 करोड़ रूपये) कार्य मनरेगा के तहत कराया जा रहा है।उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष नहरी पानी का उपयोग 38% से अधिक बढ़ गया है और एक वर्ष में 5000 से अधिक मामलों का निपटारा किया गया है, जो कई वर्षों से लंबित थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने 40 से अधिक गैर-बारहमासी नहरों को बारहमासी नहरों में बदल दिया है।

