कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके को कोर्ट से जमानत मिल गई है. हालांकि उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत दी गई है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 50 हजार रुपये (Abhijit Dipke Bail) के निजी मुचलके और एक ‘पीस बॉन्ड’ यानी शांति समझौते पर साइन करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा.
Abhijit Dipke Bail – इससे पहले सीजेपी के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया था कि अभिजीत दिपके को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत नई दिल्ली स्थित उनके आवास से निवारक हिरासत में रखा गया है. उन्होंने दावा किया था कि उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और तुरंत वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई.
शांति भंग करने के मामले में हुई थी कार्रवाई
दरअसल, दिपके को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत शांति भंग करने के मामले में हिरासत में लिया गया था और फिर शनिवार को उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें अब जमानत मिली है. कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया गया था.
आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा हुईं रिहा
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया था. रिहा होने के बाद नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए हिरासत में लेने की कार्रवाई को ‘गैर-कानूनी’ करार दिया. बोरा ने कहा, ‘मुझे मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया और सुबह पांच बजे तक थाने में रखा गया.


