जशपुर: जनगणना प्रक्रिया पूरी होने से पहले परिसीमन की कोशिशों को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र की विधायक विद्यावती सिदार ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण का नहीं, बल्कि “पिछले दरवाजे से परिसीमन” के प्रयासों का विरोध कर रही है.
जिला कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए विधायक सिदार ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण बिल 2023 संसद से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बन चुका है. ऐसे में भाजपा द्वारा कांग्रेस पर महिला विरोधी होने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं को शासन-प्रशासन में ज्यादा से ज्यादा प्रतिनिधित्व देना कांग्रेस की प्राथमिकता रही है.
महिला विधायक ने उदाहरण देते हुए कहा कि देश को पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रूप में कांग्रेस ने ही दिया. इसके अलावा पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और पहली महिला राजदूत विजय लक्ष्मी पंडित भी कांग्रेस की देन रही हैं.
‘चुनावी लाभ के लिए लाया गया संशोधन’
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विधायक सिदार ने कहा कि हाल ही में लोकसभा में एनडीए द्वारा प्रस्तुत “नारी शक्ति वंदन संशोधन” पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर लाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में राजनीतिक झटके के बाद प्रधानमंत्री और भाजपा नेता कांग्रेस पर दोष मढ़ने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता सब समझ रही है.
राजीव गांधी के दौरे का हवाला
कांग्रेस की प्रदेश सचिव रत्ना पैंकरा ने कहा कि देश में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की शुरुआत पंचायती राज अधिनियम के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय हुई थी. उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं इसी आरक्षण व्यवस्था के तहत पहली बार चुनाव लड़ा था.
विशेष सत्र पर भी सवाल
छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रस्तावित विशेष सत्र को लेकर पूछे गए सवाल पर विधायक सिदार ने कहा कि सरकार इस सत्र का उद्देश्य अब तक स्पष्ट नहीं कर पाई है. उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस, शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार विधानसभा के भीतर इस मुद्दे पर सरकार को कड़ा जवाब देगी.
भाजपा के आरोपों पर पलटवार
भाजपा द्वारा कांग्रेस पर देशहित के कदमों का विरोध करने के आरोपों को खारिज करते हुए विधायक सिदार ने कहा कि आजादी के बाद देश के विकास में कांग्रेस का योगदान और बलिदान ही इन आरोपों का सबसे बड़ा जवाब है.

