उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी रास्तों पर वीकेंड और चार धाम यात्रा के( Char Dham Yatra Traffic) चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मनाली, मसूरी और नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटक स्थलों की सड़कों पर लंबा जाम लगा है। सबसे भयावह स्थिति जोशीमठ क्षेत्र की है, जहाँ श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ के दबाव ने मुख्य रास्तों को पूरी तरह से जाम कर दिया है।
🚧 30 किलोमीटर तक रेंगती गाड़ियां
जोशीमठ में जाम की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाहनों की कतार विष्णुप्रयाग से लेकर मारवाड़ी तक लगभग 25 से 30 किलोमीटर लंबी फैली हुई है। विष्णुप्रयाग के आगे 15 किलोमीटर तक गाड़ियां घंटों से एक ही जगह खड़ी हैं। संकरी सड़कों और अत्यधिक वाहनों की संख्या के कारण आवाजाही लगभग ठप हो गई है, जिससे तीर्थयात्री और पर्यटक भीषण गर्मी में गाड़ियों के भीतर ही फंसने को मजबूर हैं।
🥵 चिलचिलाती गर्मी और बच्चों की परेशानी
पहाड़ों पर भी चिलचिलाती गर्मी का असर दिख रहा है, जिससे यात्रियों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों के लिए भी अपने दैनिक कार्यों के लिए निकलना दूभर हो गया है। प्रशासन (Char Dham Yatra Traffic) और स्थानीय पुलिस की टीमें जाम खुलवाने की कोशिश में जुटी हैं, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा है कि फिलहाल स्थिति सामान्य होने में घंटों का समय लग सकता है।

