पूर्णिया (बिहार): बिहार के पूर्णिया जिले में रविवार को जलजमाव और नदियों में डूबने से दो पृथक-पृथक भीषण हादसों में कुल पांच मासूम बच्चों की अकाल मृत्यु हो गई। कसबा प्रखंड में छोटी जलाशय (चाप) में मछली पकड़ने के दौरान तीन सगे भाइयों की पानी में समाने से मौत हो गई, जबकि बायसी थाना क्षेत्र में उफनती नदी पार करने के क्रम में दो चचेरी बहनों की डूबकर जान चली गई। इन दोनों हृदयविदारक घटनाओं के उपरांत संबंधित गांवों में मातम और चीख-पुकार का माहौल व्याप्त है तथा पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

🌊 कसबा में मछली पकड़ने के दौरान तीन सगे भाई गहरे कुंड में समाए, एक साथ उठीं तीन अर्थियां

कसबा प्रखंड अंतर्गत कुल्लाखास पंचायत के आलमनगर (वार्ड संख्या 7) में रविवार प्रातः मछली पकड़ने के दौरान तीन सगे भाइयों की पानी में डूबने से अकाल मृत्यु हो गई।

मृतक बच्चों की पहचान 12 वर्षीय मो. मोफिजूल, 10 वर्षीय तफीजूल और 8 वर्षीय सैराजुल के रूप में की गई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, आलमनगर निवासी अलांगीर के चार पुत्र घर के समीप स्थित खगजाना गोदाम के पीछे चाप में जाल डालकर मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान एक भाई गहरे पानी में फिसलकर डूबने लगा। उसे बचाने के त्वरित प्रयास में दो अन्य भाई भी गहरे कुंड में उतर गए और देखते ही देखते तीनों पानी के तेज भंवर में समा गए।

चौथा भाई 7 वर्षीय अली हुसैन यह दृश्य देखकर बदहवास होकर गांव भागा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। ग्रामीण एवं परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला, किंतु तब तक तीनों की सांसें थम चुकी थीं।

😭 8 भाइयों में से 3 की एक साथ मौत से टूटा परिजनों का पहाड़, मुखिया ने की मुआवजे की मांग

एक ही घर के तीन चिराग बुझने की खबर संपूर्ण क्षेत्र में आग की तरह फैल गई, जिससे गांव में चीख-पुकार मच गई।

मृतकों के पिता अलांगीर, मां दुलहरी, दादा मो. अख्तर और दादी मेहनूर का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि अलांगीर के कुल आठ पुत्र हैं, जिनमें से तीन पुत्रों की एक साथ असामयिक मृत्यु हो गई। घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कुल्लाखास पंचायत के मुखिया रंजीत पासवान ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल अनुग्रह राशि व सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है। कसबा अंचलाधिकारी (CO) निशांत कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय कर्मचारियों को पीड़ित परिवार के घर भेजा गया है।

🌊 बायसी में घास लेकर लौट रही दो चचेरी बहनें बलवाधार नदी के तेज बहाव में बही

दूसरी दर्दनाक घटना जिले के बायसी थाना क्षेत्र अंतर्गत जाबर गांव (वार्ड संख्या 9) में सामने आई।

शनिवार संध्या गांव की चार बालिकाएं मवेशियों हेतु हरा चारा (घास) एकत्र करने गई थीं। वापसी के दौरान बलवाधार के पास नदी पार करते समय चारों बच्चियां जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की चपेट में आकर गहराई में डूबने लगीं। स्थानीय ग्रामीणों को जैसे ही बच्चियों के डूबने की भनक लगी, वे तुरंत नदी में उतरे और खोजबीन प्रारंभ की।

कड़ी मशक्कत के बाद चारों बालिकाओं को बाहर निकाला गया, किंतु तब तक दो बच्चियों की मृत्यु हो चुकी थी। मृतकाओं की शिनाख्त 16 वर्षीय फरीदा (पिता मैनुल आलम) और 15 वर्षीय सागरी (पिता स्व. ऐनुल आलम) के रूप में हुई है, जो आपस में चचेरी बहनें थीं। वहीं दो अन्य बालिकाओं को समय रहते गंभीर अवस्था में बचाकर इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

⚠️ मानसून में ग्रामीण जलस्रोतों के पास सुरक्षा का बढ़ा खतरा, सतर्कता बरतने की अपील

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों के अनुसार, जाबर गांव और आसपास के ग्रामीण अंचलों में मानसून के दौरान नदियों, धारों और जलाशयों को पार करना अत्यंत जोखिमभरा व जानलेवा सिद्ध होता है।

अचानक जलस्तर में वृद्धि और तेज धारा के कारण ग्रामीण, विशेषकर छोटे बच्चे, लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। पूर्णिया में घटित इन दो लगातार त्रासदियों ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जलाशयों व नदियों के किनारे सुरक्षात्मक उपाय करने और सुरक्षित आवागमन की सख्त आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है।

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