चंडीगढ़ में 29 जनवरी को होने वाले मेयर के चुनाव से पहले कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) का गठबंधन टूट गया है. इसकी वजह पंजाब विधानसभा चुनाव बताई जा रही है, क्योंकि अगर ये गठबंधन होता तो (Chandigarh mayor election) दोनों ही पार्टियों को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान जनता के बीच सफाई देना मुश्किल हो जाता.
दोनों ही पार्टियां गठबंधन की मौखिक सहमति देने के बावजूद औपचारिक ऐलान करने से पहले ही अलग हुई हैं. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की पंजाब यूनिट का दबाव भी इस गठबंधन के ना होने के पीछे की वजह माना जा रहा है. संख्या ना होने के बावजूद दोनों ही पार्टियां इस चुनाव में अपने उम्मीदवार उतरेंगी. ऐसे में बीजेपी जिसके पास 18 पार्षद है उनकी जीत तय मानी जा रही है. कांग्रेस अब मेयर के साथ ही सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी.
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वहीं, कांग्रेस ने अपने तीनों उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस ने मेयर पद के लिए गुरप्रीत गाबी को प्रत्याशी बनाया है. सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए सचिन गालव उम्मीदवार होंगे. जबकि डिप्टी मेयर के लिए निर्मला देवी को प्रत्याशी बनाया गया है.
Chandigarh mayor election – आम आदमी पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की औपचारिक घोषणा हो गई है. मेयर पद: योगेश ढींगरा (वार्ड न.25) सीनियर डिप्टी मेयर पद: मुन्नवर ख़ान (वार्ड न .29) डिप्टी मेयर पद: जसविंदर कौर ( वार्ड न.1)
चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं. मेयर पद पर जीत के लिए किसी भी पार्टी को 19 वोट की जरूरत होती है. चुनाव के लिए सबसे ज्यादा वोट बीजेपी के पास हैं. उसके पास कुल 18 पार्षद है. वहीं 11 वोट AAP के पास हैं. कांग्रेस के पास 7 वोट हैं, जिसमें एक वोट सांसद मनीष तिवारी का रहेगा. कुल 35 पाषर्दों वाले निगम में बहुमत के लिए 19 वोट चाहिए होते हैं.


