नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के भविष्य को नई दिशा देने वाले ‘दिल्ली मास्टर प्लान-2047’ को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। ‘विकसित भारत’ की दीर्घकालिक विकास परिकल्पना के अनुरूप तैयार किया गया यह 485 पेजों का मास्टर प्लान दिल्ली को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धी, आधुनिक और समावेशी राजधानी बनाने का लक्ष्य रखता है। वर्ष 2047 तक लगभग 3.2 से 3.4 करोड़ की संभावित आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस प्लान में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, भारी निवेश और उद्यमिता (Delhi master plan -2047) को बढ़ावा देने पर मुख्य ध्यान केंद्रित किया गया है।

 नरेला में 138 हेक्टेयर का एजुकेशन हब, मेट्रो और RRTS नेटवर्क का बड़ा विस्तार

परिवहन और शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजनाएं:

    • नरेला एजुकेशन सेंटर: मास्टर प्लान के तहत नरेला क्षेत्र में 138 हेक्टेयर भूमि पर विश्वस्तरीय शिक्षा केंद्र (Education Hub) विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

      ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD): मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन टर्मिनलों के आसपास टीओडी (TOD) मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन, पैदल यात्रियों और साइकिल ट्रैकों को प्राथमिकता मिलेगी।

    • मेट्रो व आरआरटीएस विस्तार: प्लान में भविष्य की जरूरतों के लिए दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के करीब 279 किलोमीटर और आरआरटीएस (RRTS) नेटवर्क के करीब 383 किलोमीटर विस्तार की रूपरेखा तय की गई है।

       

पुराने इलाकों के पुनर्विकास पर जोर, 2047 तक 40 लाख नए आवासों का लक्ष्य

बढ़ती आबादी के लिए आवास और बुनियादी नागरिक (Delhi master plan -2047) सुविधाओं का विकास:

    • पुनर्वास व पुनर्विकास: वर्ष 2047 तक अनुमानित 40 लाख अतिरिक्त आवासों की जरूरत पूरी करने के लिए पुराने घने इलाकों के पुनर्विकास और झुग्गी-झोपड़ियों के ‘इन-सीटू’ (उसी स्थान पर) पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाएगी।

    • अनधिकृत कॉलोनियों का सुधार: अनधिकृत बस्तियों के सुनियोजित सुधार और नियमितीकरण के लिए व्यापक नीतिगत ढांचा तैयार किया गया है।

    • स्मार्ट कनेक्टिविटी: सभी नए रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को चौड़ी सड़कों, 24 घंटे जलापूर्ति, सीवर, बिजली और उच्च गति डिजिटल कनेक्टिविटी से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा।

       

 

 

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