मध्य प्रदेश में बजट (Budget) पेश होने के बाद आम लोगों ने महंगाई पर कंट्रोल की दिशा में कोई प्रयास नहीं किए जाने की बात कही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी करने के लिए सरकार को उचित प्रयास करना चाहिए था। शिक्षा क्षेत्र में निजी कॉलेजों द्वारा की जा रही लूटमार के लिए किसी भी तरह की कोशिशें नहीं होने पर स्टूडेंट्स ने निराशा जताई है। सरकारी कर्मचारियों ने राजस्थान व छत्तीसगढ़ की तरह पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की सरकार से अपेक्षा की गई।
इसे भी पढ़ें – ग्वालियर नगर निगम का वसूली अभियान,वाटर टैक्स नहीं जमा करने पर भैंस खोली
जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में एम कॉम की पढ़ाई कर रहे शांतनु जैन का कहना है कि बजट (Budget) से निराशा जताई और कहा कि 13000 शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया है लेकिन बाकी अलग-अलग फील्ड के युवाओं के लिए कुछ भी नहीं दिया है। जीआरएमसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे मंगल सिंह का कहना है इस सरकार ने इस बजट में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने के लिए घोषणा की है लेकिनप्राइवेट कॉलेज द्वारा करोड़ों रुपए लेकर शिक्षा देने पर लगाम नहीं लगाई गई। इससे विदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्र यहीं पढ़ाई कर सकें। एक छात्रा अनीता शर्मा ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर इस बजट में कोई बातचीत नहीं की गई है।
इसे भी पढ़ें – कलचुरी कलार समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन-28 अप्रैल को,सुझाव एवं तैयारी पर हुई चर्चा
व्यापारियों के लिए कोई छूट नहीं Budget – व्यापारियों ने कहा कि यह शिवराज सरकार ने न तो इस बजट में डीजल पेट्रोल के रेट टैक्स को कम किया है और नहीं व्यापारियों के लिए कोई छूट प्रदान की है। आम नागरिक दीपक गौतम ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार का यह बजट आम लोगों के लिए पूरी तरह निराशाजनक है लगातार महंगाई बढ़ रही है और दूसरी तरफ रोजगार के साधन भी तेजी से घट रहे हैं
अतिथि शिक्षक संघ असंतुष्ट अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष नरेंद्र साहनी ने कहा कि मात्र 13 हजार शिक्षकों की भर्ती से सभी का भला नहीं होगा। राज्य शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रशान्त दीक्षित ने कहा कि राजस्थान छत्तीसगढ़ सहित कुछ राज्यो द्वारा अपने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की बात कही है, नवीन पेंशन योजना कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित नहीं कर रही है। अतः मध्यप्रदेश सरकार को भी अपने लोक सेवको को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने पर पुनः विचार किया जाना चाहिए।
इसे भी पढ़ें – मध्यप्रदेश बजट सत्र: बहिष्कार को लेकर कांग्रेस नेताओ में मतभेद
मेडिकल सीटें बढ़ाने को लेकर खुशी मेडिकल छात्रा पायल ने मेडिकल सीटें बढ़ाने को लेकर खुशी जाहिर की है। पायल ने कहा कि सरकार मेडिकल सीटें बढ़ाकर एक अच्छा कदम उठा रही है। इससे विदेशों में जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं वह भी अब अपने ही देश प्रदेश में रहकर मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
