रायपुर: शुक्रवार की रात मुख्यमंत्री निवास में आयोजित ‘वीर बाल दिवस’ के विशेष समारोह में प्रदेश के चार बहादुर बच्चों को उनकी अदम्य वीरता और सूझबूझ के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित (bravery awards) किया. छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में इन बच्चों को गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों की स्मृति में स्थापित पुरस्कार दिए.
छत्तीसगढ़ के चार बच्चों को वीर बाल दिवस पर पुरस्कार
पुरस्कार पाने वालों में भिलाई के ओम उपाध्याय को साहिबजादा अजीत सिंह अवॉर्ड दिया गया. सरगुजा की 7 वर्षीय कांति को साहिबजादा जुझार सिंह अवॉर्ड दिया गया. धमतरी की अंशिका साहू को साहिबजादा जोरावर सिंह अवॉर्ड दिया गया. रायपुर के प्रेमचंद साहू को साहिबजादा फतेह सिंह अवॉर्ड दिया गया.
चारों बच्चों को इसलिए दिया गया वीरता सम्मान
कुत्ते के हमलों से बच्चों को बचाया
1. ओम उपाध्याय कोहका भिलाई के रहने वाले हैं. उन्हें साहिबजादा अजीत सिंह अवॉर्ड दिया गया. भिलाई की गलियों में जब आक्रामक कुत्तों ने मासूमों को घेरा, तो सन्नाटा पसर गया, लेकिन दिव्यांग ओम उपाध्याय के हौसले ने वह कर दिखाया जो अच्छे-अच्छों के बस में नहीं था. बच्चों को बचाने के दौरान एक कुत्ते ने ओम के हाथ को लहूलुहान कर दिया, पर यह वीर बालक टस से मस नहीं हुआ. ओम, कुत्तों से तब तक लड़ते रहे जब तक कि शिकारी कुत्ते दुम दबाकर भाग नहीं गए.
हाथियों के हमले से 3 साल की बहन को बचाया
2. कांति ग्राम मोहनपुर जिला सरगुजा को साहिबजादा जुझार सिंह अवॉर्ड दिया गया. कुमारी कांति ने सरगुजा के जंगलों से जब हाथियों का झुंड गांव में घुसा, तो गांव के सभी लोग अपनी जान बचाने यहां वहां छिप गए. इसी दौरान घर में उसकी तीन साल की मासूम बहन अकेली रह गई थी. ऐसे में 7 साल की कांति ने हाथियों की चिंघाड़ की पहवाह ना करते हुए घर के अंदर घुसी और अपनी बहन को सुरक्षित बाहर निकाल लाई.
बिजली के तारों से अपनी बड़ी बहन को बचाया
3. अंशिका साहू ग्राम संबलपुर जिला धमतरी को जोरावर सिंह अवॉर्ड दिया गया. कुमारी अंशिका साहू ने धमतरी में जब खेल-खेल में अंशिका की बड़ी बहन बिजली के खुले तार की चपेट में आई, ते अंशिका ने बिजली जैसी फुर्ती दिखाई और बिना डरे प्लास्टिक की चप्पल को हथियार बनाया और एक सटीक प्रहार से अपनी बहन को मौत के चंगुल से खींच लिया.
तालाबा में डूबते हुए बच्चे को बचाया
4. प्रेमचंद साहू ग्राम रामपुर डंगनिया रायपुर रायपुर को साहिबजादा फतेह सिंह अवॉर्ड दिया गया. रायपुर के तालाब में जब एक पैर फिसला, तो हंसी-खुशी का माहौल मातम में बदलने लगा. एक बालक डूब रहा था और सांसे उखड़ रही थी. प्रेमचंद साहू ने अपनी जान की परवाह किए बिना मौत की लहरों में छलांग लगा दी. गहरे (bravery awards) पानी की चुनौतियों को मात देते हुए प्रेमचंद ने डूबते हुए बालक को किनारा दिखाया और उसे नया जीवन दान दिया.
