पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपने-अपने चुनाव अभियान में जुट गए हैं. कई सीटों पर कड़े मुकाबले होने के आसार हैं तो कई सीट प्रत्याशियों की वजह से चर्चा में (veteran leader entered field) बनी हुई हैं. ऐसे ही एक सीट है कोलकाता पोर्ट. इस हाई प्रोफाइल सीट पर टीएमसी और बीजेपी के बीच ही कड़ा मुकाबला है. बीजेपी ने इस सीट से एक ऐसे चेहरे को मुकाबले में उतारा है जो जेल से निकलते ही चुनाव मैदान में उतर गया और प्रचार में लग गया.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2 दिन पहले बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की अपनी छठी लिस्ट जारी की जिसमें सिर्फ एक ही प्रत्याशी का नाम था और वह था राकेश सिंह का. बीजेपी ने राकेश को कोलकाता पोर्ट सीट से मैदान में उतारा है. टिकट मिलने से करीब 24 घंटे पहले ही उन्हें प्रेसिडेंसी जेल से रिहा किया गया था. यहां से तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपने दिग्गज नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम को उतारा है.
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अपने बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले राकेश सिंह, जो 5 महीने से अधिक समय से जेल में बंद थे, को कई शर्तों के साथ जमानत दी गई थी. 5 दिनों तक फरार रहने के बाद उन्हें पिछले साल सितंबर में कोलकाता के टांगरा इलाके में एक निजी आवास से गिरफ्तार किया गया था. उन्हें कई शर्तों के साथ पिछले दिनों रिहा किया गया था.
veteran leader entered field – मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट को बताया था कि राकेश सिंह हिस्ट्रीशीटर हैं और उन पर 56 आपराधिक मामले चल रहे हैं. टीओआई का दावा है कि उन पर कम से कम 91 केस दर्ज हो सकते हैं. उन्होंने कोलकाता चिड़ियाघर में यूनियन नेता के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी.


