खंडवा : मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में हुए बस हादसे में खत्म हो चुका एक पूरा परिवार खंडवा के गौल सैलानी गांव का रहने वाला था। दंपती और दोनों बेटों के शव गुरूवार देर शाम को उनके गांव पहुंचे। यहां एंबुलेंस से शवों को उतारते ही घर की चौखट तक ले गए और अंतिम दर्शन के बाद उन्हें अर्थियों पर रखा। एक साथ चारों अर्थियां (Four barsis arose together) उठी तो देख हर कोई सहम गया। गांव की खामोशी चीत्कार में बदल गई। परिवार के कई लोग सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। कावेरी नदी के किनारे बने श्मशान घाट पर दोनों बेटों के शवों को माता-पिता के बीच रखकर अंतिम संस्कार हुआ।
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भाजपा विधायक गोलू शुक्ला की बाणेश्वरी ट्रेवल्स की तेज रफ्तार बस ने बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में महेंद्र सोलंकी (उम्र 45 वर्ष), उनकी पत्नी जयश्री सोलंकी (उम्र 40 वर्ष), दोनों बेटे जिगर सोलंकी (उम्र 16 वर्ष) और तेजस सोलंकी (उम्र 12 वर्ष) की मौत हो गई थी। मृतक महेंद्र सोलंकी के काका का परिवार भोपाल में रहता है। मंगलवार को उनकी काकी का निधन हो गया था। बुधवार को भोपाल में काकी के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे।
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Four barsis arose together – जिसके लिए महेंद्र सोलंकी पत्नी जयश्री को लेकर इंदौर में ही रहने वाले बड़े भाई बाबूसिंह के घर गए और वहां से कार लेकर भोपाल गए थे। दोनों बेटे बड़े भाई के घर रूके हुए थे। वे भोपाल से इंदौर लौटे और भाई के घर से बच्चों को लेकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान ये दर्दनाक हादसा हो गया। गुरुवार चारों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

