रांची: हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे कार्यकाल में प्रदेश भाजपा का यह पहला बड़ा आंदोलन होगा. लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित न होने के मुद्दे को लेकर (BJP Akrosh March) भाजपा 25 अप्रैल को रांची में विशाल आक्रोश मार्च निकालने जा रही है.
पार्टी इस मार्च के जरिए दो निशाने साधने की तैयारी कर रही है एक तरफ विपक्षी दलों (खासकर कांग्रेस) को महिला विरोधी बताना, दूसरी तरफ राज्य में महिलाओं और नाबालिग बच्चों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार और सुरक्षा की विफलता पर सत्ताधारी सरकार पर हमला.
विपक्ष को सबक सिखाने का ऐलान
भाजपा के पूर्व प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का रुख जगजाहिर है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों का विरोध किया है.
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BJP Akrosh March – पार्टी का कहना है कि जनता अब महिला विरोधी ताकतों को सबक सिखाने के लिए तैयार है. इसी क्रम में 25 अप्रैल को हजारों महिलाएं और भाजपा कार्यकर्ता राजधानी की सड़कों पर उतरेंगे.
राज्यपाल की नाराजगी ने बढ़ाई आग
हाल ही में नाबालिग बच्चियों की गुमशुदगी के मामलों पर राज्यपाल की पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी ने भाजपा के आंदोलन को और बल दिया है. पार्टी इसे राज्य सरकार की विफलता के रूप में पेश कर रही है. भाजपा नेता इसे “आग में घी डालने” वाला मुद्दा बता रहे हैं और आंदोलन को भव्य तथा ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी कर रहे हैं.


