चंडीगढ़: पंजाब के बहुचर्चित 6,000 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले से जुड़ी एक अहम और बड़ी खबर सामने आई है। इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को आगामी 5 अक्टूबर को पूछताछ के लिए दोबारा तलब किया है। इस नए समन के (Bikram Majithia SIT Summons) बाद पंजाब की सियासत में एक बार फिर गर्माहट आ गई है।
Bikram Majithia SIT Summons – उल्लेखनीय है कि इसी तारीख (5 अक्टूबर) को इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी माने जाने वाले पूर्व डीएसपी जगदीश भोला को भी पूछताछ के लिए बुलाए जाने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जांच प्रक्रिया के दौरान एसआईटी दोनों को आमने-सामने बैठाकर क्रॉस एग्जामिनेशन (आमने-सामने पूछताछ) कर सकती है।
2013 से शुरू हुआ था विवाद
पूरे मामले की पृष्ठभूमि और जांच का घटनाक्रम:
-
-
2013 में जगदीश भोला की गिरफ्तारी: इस चर्चित ड्रग्स रैकेट का खुलासा वर्ष 2013 में पंजाब पुलिस द्वारा जगदीश भोला की गिरफ्तारी के साथ हुआ था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर सिंथेटिक ड्रग्स के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
-
-
-
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री: मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी फंडिंग के तार जुड़ने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने जांच अपने हाथ में ली और वर्ष 2014 में बिक्रम सिंह मजीठिया से लंबी पूछताछ की थी।
-
-
-
मजीठिया ने नकारे आरोप: बिक्रम मजीठिया शुरुआत से ही अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज करते रहे हैं।
-
