जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार को अपनी ही पार्टी के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी के आरक्षण नीति पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है. आगा रुहुल्लाह ने उमर पर (big rift in Omar Abdullah government) पार्टी की मुख्य विचारधारा से समझौता करने” का आरोप लगाया है. इस विरोध के पीछे की वजह आरक्षण नीति के युक्तिकरण में हो रही देरी को बताया जा रहा है. सांसद ने ऐलान किया कि वे श्रीनगर के सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे.

big rift in Omar Abdullah government – आगा रुहुल्लाह ने उमर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार पार्टी की विचारधारा से समझौता कर रही है. लोगों को अब तक आरक्षण नहीं दिया जा रहा है.

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उन्होंने कहा कि मैं छात्रों को अकेला नहीं छोड़ूंगा. अगर सरकार उन्हें भरोसे में लेने और मुद्दे को हल करने में विफल रहती है, तो मैं विरोध प्रदर्शन में शामिल हो जाऊंगा. उन्होंने ये भी कहा कि आज 28 दिसंबर को श्रीनगर में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे. छात्र संगठन की तरफ से इस बारे में जानकारी भी शेयर की गई है.

 क्या है विरोध की असली वजह?

सांसद के विरोध की असली वजह है मौजूदा आरक्षण है. मौजूदा आरक्षण नीति के अनुसार, जिसे सीधे केंद्रीय शासन के दौरान लागू किया गया था. सामान्य वर्ग – जो जम्मू-कश्मीर की आबादी का लगभग 70% है. इनको सरकारी भर्तियों में केवल 40% सीटें आवंटित की जाती हैं. हालांकि सरकार ने हाल ही में कैबिनेट में इसमें संशोधन करने का फैसला किया था.

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