जंग में झुलसे ईरान को अपने इतिहास का सबसे बड़ा झटका लगा है. 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. इसी हमले में उनके (Khamenei takes command) बेटे मुज्तबा खामेनेई भी घायल हो गए हैं. मुज्तबा को अब ईरान के सुप्रीम लीडर के पद पर नियुक्त किया गया है.
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के इतिहास में यह एक विचित्र संयोग ही माना जाएगा कि अयातुल्लाह अली खामेनेई भी सुप्रीम लीडर बनने से पहले एक बम अटैक में घायल हुए थे और उनका राइट ने हमेशा के लिए काम करना बंद कर दिया था.
अब, उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई पर सुप्रीम लीडर नियुक्त किए जाने से महज कुछ दिन पहले जो हमला हुआ उसमें उनके एक पैर के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने की खबर है. यानी ईरान को पिछले दोनों सुप्रीम लीडर जख्मी होने के बाद मिले हैं और हिस्ट्री फिर रिपीट हुई है.
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27 जून 1981 को तेहरान की एक मस्जिद में नमाज के बाद एक भाषण देते समय अली खामेनेई के सामने रखे टेप रिकॉर्डर में लगे बम में धमाका हुआ था. इस बम विस्फोट में खामेनेई का दाहिना हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ था. महीनों अस्पताल में रहने के बाद भी उनका दाहिना हाथ हमेशा के लिए लकवाग्रस्त हो गया.
उस समय वे राष्ट्रपति थे. आयतुल्लाह खुमैनी की मृत्यु के बाद 1989 में वे सुप्रीम लीडर बने और 2026 में अपनी मौत तक इस सर्वोच्च पद पर रहे. खामेनेई अपने राइट हैंड को आमतौर पर छुपाकर रखते थे और सभी काम लेफ्ट हैंड से करते थे.
Khamenei takes command – 28 फरवरी को जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए तो अली खामेनेई के बेटे मुज्तबा इसमें घायल हो गए. खामेनेई के आवास पर गिरे बंकर-बस्टर बमों ने महिलाओं और एक बच्चे समेत परिवार के कई लोगों की जान ले ली, मुज्तबा बच गए.


