रेवाड़ी (हरियाणा): शहर के हंस नगर में गत 5 जुलाई को एक मकान में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैस पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सहित तीन प्रमुख कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह दर्दनाक हादसा पीएनजी (PNG) पाइपलाइन से गैस लीकेज के कारण होना पाया गया है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में गंभीर रूप से झुलसे पिता और उनकी बेटी की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जबकि 2 साल की मासूम बच्ची समेत तीन अन्य लोग बुरी तरह झुलस गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने जांच का जिम्मा सदर थाना पुलिस को सौंपा था।

⚡ स्विच ऑन करते ही हुआ जोरदार धमाका, गेट टूटकर दूर जा गिरा

हादसे के समय का खौफनाक मंजर:

  • गैस की दुर्गंध: पीड़िता मधु ने पुलिस को बताया कि 5 जुलाई को वह अपने पति सतबीर और पड़ोसी जयभगवान के साथ बैठी थी, तभी सतबीर ने मुख्य गेट के पास गैस की तेज दुर्गंध आने की बात कही थी।

  • स्विच ऑन करते ही ब्लास्ट: जैसे ही बेटी तन्नू ने कपड़े प्रेस करने के लिए बिजली का स्विच ऑन किया, कमरे में जमा गैस ने आग पकड़ ली और जोरदार धमाका हुआ।

  • मकान को भारी नुकसान: विस्फोट इतना जबर्दस्त था कि मकान का लोहे का गेट टूटकर दूर जा गिरा और दीवारों व फर्श की टाइलें उखड़ गईं।

  • इलाज के दौरान मौत: गंभीर रूप से झुलसे सतबीर और बेटी तन्नू को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां दोनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

👮 पुलिस ने इन 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए अधिकारियों और कर्मचारियों का विवरण:

  • राहुल (प्रोजेक्ट मैनेजर): पीएससी ट्रेडर्स (आईजीएल का ठेका लेने वाली कंपनी) का प्रोजेक्ट मैनेजर, निवासी गोविंदपुरी (गाजियाबाद), वर्तमान निवासी धारूहेड़ा।

  • संदीप (सुपरवाइजर): कंपनी का सुपरवाइजर, निवासी नंगला शीशगर (उत्तर प्रदेश)।

  • रंजीत (आरसीएम): सहयोगी कंपनी रिसोंस का आरसीएम, निवासी काठूवास।

  • विधिक धाराएं: पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित सुरक्षा मानकों की अनदेखी की विभिन्न संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है।

🔬 कंपनी ने किया था लीकेज से इनकार, अब FSL रिपोर्ट पर टिकी नजर

जांच और आगामी विधिक प्रक्रिया:

  • कंपनी का पक्ष: हादसे के बाद आईजीएल और ठेकेदार कंपनी प्रबंधन ने गैस लीकेज की संभावना से इनकार किया था।

  • फोरेंसिक जांच: विशेषज्ञ टीमों द्वारा घटनास्थल से नमूने एकत्र किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीएफएल/एफएसएल (Forensic Science Laboratory) की विस्तृत वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद विस्फोट की वास्तविक तकनीकी वजह पूरी तरह साफ हो जाएगी।

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