भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को राज्य से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा सामने आई। इस निर्णय के विरोध में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य स्तर पर व्यापक प्रदर्शन करने की रूपरेखा तैयार कर ली है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हरदीप पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने के औचित्य पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में आरोप लगाते हुए (politics heats up) कहा “एपस्टीन फाइल्स प्रकरण में हरदीप पुरी का नाम सामने आने के बावजूद उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा का प्रत्याशी बनाना प्रदेश की जनता का अपमान है।
politics heats up – कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर मध्य प्रदेश से हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा भेजे जाने के पीछे पार्टी की ऐसी क्या मजबूरी रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या प्रदेश की बीजेपी इकाई में अनुभवी और योग्य सीनियर नेताओं की कोई कमी पड़ गई है, जिसके चलते हरदीप पुरी को अन्य राज्य से लाकर यहां थोपा जा रहा है। भाजपा को इस बात का स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि आखिर क्या ऐसी वजह थी जिसके कारण एक आदिवासी नेता से इस्तीफा दिलवाकर उनकी खाली हुई सीट पर हरदीप पुरी को भेजना पड़ा।
हरदीप पुरी से मांगा गया स्पष्टीकरण
कांग्रेस अध्यक्ष ने हरदीप पुरी से भी सीधे तौर पर जवाब तलब करते हुए कहा कि उन्हें एपस्टीन के साथ अपनी मुलाकातों को लेकर जनता के सामने सच रखना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने शुरुआती दौर में भ्रामक बयान क्यों दिए थे। बाद में सामने आई तस्वीरों में पुरी को एपस्टीन के साथ अकेले देखा जा चुका है। मध्य प्रदेश की धरती पर कदम रखने से पहले उन्हें प्रदेशवासियों को इस बात का जवाब देना चाहिए। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के हालिया नागपुर भाषण का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने चरित्रवान लोगों द्वारा ही अच्छे समाज के निर्माण की बात कही थी।


