ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, माता और जल का मुख्य कारक माना गया है. कुंडली में मजबूत चंद्रमा व्यक्ति को मानसिक शांति और सुख प्रदान करता है, जबकि कमजोर या पीड़ित चंद्रमा अत्यधिक मानसिक तनाव, ओवरथिंकिंग और जीवन में कई तरह की परेशानियों का कारण बनता है.अक्सर लोग चंद्रमा के कमजोर होने पर (Bhadrapad Purnima 2026) मिलने वाले संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है.

 कमजोर चंद्रमा के प्रमुख लक्षण 

कुंडली में चंद्रमा कमजोर होने पर व्यक्ति को मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्तर पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसके प्रमुख लक्षणों में छोटी-छोटी बातों पर अत्यधिक सोचना , बिना ठोस कारण के मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन, आत्मविश्वास की कमी, स्मरण शक्ति कमजोर होना, अनिद्रा (इंसोमनिया) की दिक्कत, बार-बार सर्दी-जुकाम रहना तथा माता के स्वास्थ्य में गिरावट या उनके साथ मतभेद होना शामिल है. इन लक्षणों से समझा जा सकता है कि जातक की कुंडली में चंद्रमा कमजोर स्थिति में है.

 भाद्रपद पूर्णिमा पर चंद्रमा को मजबूत करने के विशेष उपाय और शुभ मुहूर्त

पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा और विशेष उपाय करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है. पूर्णिमा तिथि 25 सितंबर की रात 11:06 बजे से शुरू होकर 26 सितंबर की रात 10:18 बजे तक है. इस पावन दिन चंद्रोदय के समय (शाम 05:25 से 06:09 के बीच) तांबे या पीतल के पात्र में जल, कच्चा दूध, गंगाजल, सफेद चंदन (Bhadrapad Purnima 2026) और सफेद फूल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें. इसके अलावा “ॐ सोम सोमाय नमः” का जाप करें, शिवलिंग पर कच्चा दूध व चावल अर्पित करें, तथा दूध, चावल व सफेद वस्त्रों का दान करें.

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