जबलपुर : शहर में एक 2 साल के मासूम से मारपीट और प्रताड़ना के आरोप में एक केयर टेकर महिला को 3 साल की सजा सुनाई गई है. (messiah turned out to be monster) इस मामले में जिस महिला को बच्चे की देखरेख के लिए केयर टेकर रखा गया था, उसकी हैवानियत सीसीटवी फुटेज से सामने आई. इसके बाद बच्चे के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज की, जिसके बाद महिला को कोर्ट ने 3 साल सजा सुनाई गई है.
अचानक बदल गया था मासूम का व्यवहार
अभियोजन के अनुसार मुकेश विश्वकर्मा विद्युत मंडल में जूनियर इंजीनियर व उनकी पत्नी सोनाली शर्मा जिला न्यायालय में पदस्थ हैं. दोनों सुबह करीब 10 बजे घर से निकलते थे, और अपने 2 साल के बेटे को घरेलू हेल्पर रजनी चौधरी अहिरवार के पास छोड़ जाते थे. बच्चे की देखरेख के लिए उनके द्वारा रजनी चौधरी को प्रतिमाह पांच हजार रु दिए जाते थे. हेल्पर रखने के कुछ महीनों बाद ही, बच्चा बहुत ज्यादा शांत हो गया, उसने हंसना, खेलना और खाना बंद कर दिया, और बार-बार बीमार पड़ने लगा. मेडिकल जांच में आंतों में इन्फेक्शन का पता चला, जिसके बाद माता-पिता ने बच्चे की देखरेख के लिए घर में चुपचाप सीसीटीवी कैमरे लगाए.
मासूम को बाल पकड़कर घसीटती थी रजनी
कैमरे लगवाने के बाद बच्चे के माता-पिता ने जब फुटेज देखे, तो दोनों सहम उठे. फुटेज में घरेलू हेल्पर रजनी चौधरी बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट करती दिखी. वह उस 2 साल के मासूम के बाल (messiah turned out to be monster) पकड़कर घसीटती थी, उसके पेट में घूंसा मारती और गला घोंटती थी. उसने कई बार बच्चे को नुकीली कंघी मारी, उसके रोने पर भी उसे भूखा रखा. हद तो तब हो गई जब वह बच्चे का खाना खुद खा लेती थी.


