सरगुजा : गर्मी का मौसम शुरू होते ही आग लगने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में हर साल जिला प्रशासन, नगर निगम, फायर सेफ्टी और बिजली विभाग की संयुक्त टीम शहर के व्यावसायिक (people sitting on pile of gunpowder) भवनों की जांच करती थी ताकि आगजनी की घटनाओं को रोका जा सके. लेकिन इस साल मार्च का आधा महीना गुजर जाने के बाद भी ऐसी कोई जांच शुरू नहीं हो पाई है.
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फायर एंड सेफ्टी विभाग भी इस मामले में काफी हद तक लाचार नजर आ रहा है. दरअसल, सरकार ने अब फायर सेफ्टी की जांच और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने का काम एक निजी एजेंसी को सौंप दिया है. फायर सेफ्टी अधिकारी गुलशन तिवारी के अनुसार पहले यह जांच विभाग खुद करता था और होमगार्ड कार्यालय से भवन मालिकों को एनओसी दी जाती थी. लेकिन अब यह काम निजी कंपनियां कर रही हैं. हालांकि विभाग अपनी नियमित जांच करता रहता है, लेकिन एनओसी जारी करने का अधिकार नहीं होने से भवन मालिकों पर विभाग का नियंत्रण कमजोर हो गया है.
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people sitting on pile of gunpowder – पिछले साल अप्रैल 2025 तक दमकल विभाग ने जिले में 360 संस्थानों का निरीक्षण किया था और उनमें मिली कमियों को दूर करने के लिए नोटिस भी जारी किया गया था. आगजनी से बचाव के उपायों को लेकर सबसे ज्यादा कमियां सरकारी और निजी अस्पतालों में पाई गई थीं. वर्ष 2023-24 में दमकल विभाग ने 48 अस्पतालों का निरीक्षण किया था, जिसमें निजी अस्पतालों के साथ पीएचसी, सीएचसी और मेडिकल कॉलेज अस्पताल भी शामिल थे.


