बठिंडा: बठिंडा पुलिस ने भाजपा नेता और सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन डॉ. तरसेम गर्ग के होम्योपैथिक क्लीनिक पर हुए पेट्रोल बम हमले की गुत्थी सुलझा ली है। एस.एस.पी. डॉ. जसवीर यादव की देखरेख में CIA स्टाफ और काउंटर इंटेलिजेंस की टीमों ने टेक्निकल सबूतों और CCTV फुटेज की मदद से इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
🏃 भागने की कोशिश में घायल हुए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम आरोपियों को बठिंडा ला रही थी, तो उन्होंने बठिंडा-मुक्तसर हाईवे के पुल पर बाथरूम करने के बहाने गाड़ी रुकवाई और नीचे कूदकर भागने की कोशिश की। इस कोशिश में एक आरोपी की टांग और दूसरे की बाजू टूट गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों को दोबारा काबू कर लिया और अब उनका इलाज सिविल अस्पताल बठिंडा में चल रहा है।
💰 लालच में रची गई साजिश
पकड़े गए आरोपियों की पहचान नाखुल कुमार राजपूत और गुरविंदर सिंह (निवासी फाजिल्का) के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस हमले के लिए तीसरे आरोपी संदीप सिंह (जो अभी फरार है) ने उन्हें 3,000-3,000 रुपये का लालच दिया था। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों का कोई पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है, जो इस केस को और अधिक चौंकाने वाला बनाता है। 23 जून को थाना कोतवाली में दर्ज इस मामले की पुलिस गहराई से जांच कर रही है और उम्मीद है कि फरार तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले के पीछे के असली मकसद का खुलासा होगा।


