बालोद: जिले में तेजी से गिरते भूजल स्तर को लेकर जल शक्ति मंत्रालय ने चेतावनी जारी की है. इसके बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है. जिले का गुण्डरदेही ब्लॉक अब सेमी-क्रिटिकल जोन में आ गया है, यानी यहां भूजल स्तर काफी कम हो रहा है और इसे बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है. इसके लिए प्रशासन अब अभियान शुरू कर ट्रेंच बना रहा है.
‘जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान की शुरुआत
भूजल स्तर को सुधारने और वर्षा जल को जमीन में पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने ‘जल संचय, जन भागीदारी (JSJB 2.0)’ अभियान शुरू किया है. इसी के तहत गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम पंचायत भाठागांव (आर) में ‘नीर चेतना अभियान’ की शुरुआत की गई है.
5,000 ट्रेंच से 27 लाख लीटर पानी सहेजने की तैयार
अभियान के पहले चरण में भाठागांव (आर) के पास नाले के समानांतर 5,000 वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच बनाए जा रहे हैं. ट्रेंच यानी ऐसे समान दूरी पर बनाए गए गड्ढे जो पानी सोखने में मदद करते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार इन ट्रेंच के माध्यम से लगभग 27 लाख लीटर वर्षा जल जमीन के अंदर जाएगा, जिससे भूजल स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी.
पूरे ब्लॉक में 20,000 ट्रेंच बनाने का लक्ष्य
प्रशासन ने पूरे गुण्डरदेही विकासखंड में कुल 20,000 ट्रेंच बनाने का लक्ष्य रखा है. अगर यह लक्ष्य पूरा होता है तो लगभग 1.35 करोड़ लीटर पानी सहेजने की संभावना है.
गुंडरदेही सेमी-क्रिटिकल जोन में आ गया है तो भारत सरकार से जो राशि मिली थी उसका सदुपयोग करते हुए ट्रेंच बना रहे हैं– दिव्या मिश्रा, कलेक्टर
सेमी-क्रिटिकल जोन से बाहर निकलने की कोशिश
बालोद कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने कहा कि पानी के बिना भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती. उन्होंने बताया कि ट्रेंच निर्माण से बारिश का पानी जमीन में जाएगा, मिट्टी का कटाव रुकेगा और इलाके में हरियाली भी बढ़ेगी.
जनभागीदारी से बनेगा जन आंदोलन
इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला पंचायत CEO सुनील चंद्रवंशी, बिहान समूह की महिलाएं, सरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. प्रशासन की कोशिश है कि जल संरक्षण की यह पहल जिले की हर ग्राम पंचायत तक पहुंचे.


