बालोद। जिले के गांव-गांव में बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कनेक्शन काटे जाने के विरोध में सरपंच संघ के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। विभिन्न पंचायतों से पहुंचे दर्जनों पंच और सरपंचों ने जिला विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल के साथ सरपंचों की तीखी बहस हुई। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद मामला शांत हुआ और सरपंच वापस लौटे।
🌧️ तेज बारिश में भी डटे रहे जन प्रतिनिधि: पुलिस बैरिकेड्स और सुरक्षा घेरा तोड़कर भीतर घुसे
सरपंचों का कहना है कि बिजली कनेक्शन काटे जाने की वजह से गांव-गांव में पेयजल और बिजली का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
अपनी मांगों को लेकर और मुख्य विद्युत अधिकारी से वार्ता के लिए सरपंच मूसलाधार बारिश के बावजूद प्रदर्शन करते रहे। जब अधिकारियों की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो सरपंचों का धैर्य जवाब दे गया और वे पुलिस द्वारा बनाए गए सुरक्षा घेरे को तोड़कर कार्यालय परिसर के भीतर दाखिल हो गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मुख्य द्वार पर ताला लगाकर उन्हें रोका।
📜 ‘2016 से माफ था पंचायतों का बिजली बिल’: रमन सिंह सरकार के आदेशों की अवहेलना का लगाया आरोप
ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष कृष्णा राम साहू ने बताया कि वर्ष 2016 से किसी भी ग्राम पंचायत से नल-जल योजना और प्रकाश व्यवस्था के बिजली-पानी का शुल्क राज्य सरकार द्वारा नहीं लिया जा रहा था।
उन्होंने कहा, “हम गांव का प्रतिनिधित्व करते हैं और बिजली कटने से ग्रामीण हमें जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इसके लिए आखिर कौन जिम्मेदार है? पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में जारी इस आदेश की अब अवहेलना की जा रही है। ऐसे में हम अधिकारियों पर कैसे भरोसा करें? हम अभी महज डेढ़ साल पहले ही सरपंच बने हैं और हमारे कार्यकाल में अचानक लाखों रुपये की मांग करते हुए कनेक्शन काटे जा रहे हैं, यह सरासर अन्याय है।”
💸 सरपंचों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ: तंगी से जूझ रही पंचायतों की बढ़ी मुश्किलें
जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू ने कहा कि विद्युत विभाग का यह मनमाना रवैया पंचायतों पर जबरन अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य की अधिकांश ग्राम पंचायतें पहले से ही विकास कार्यों के फंड की तंगी से जूझ रही हैं। ऐसे में अचानक पुराने बकाया बिलों के नाम पर कनेक्शन काटना और सरपंचों पर दबाव बनाना पूरी तरह से अनुचित और परेशान करने वाला है।
📍 दर्जनों गांवों में ठप पड़ी जलापूर्ति: गुंडरदेही, गुरूर और बालोद जनपद क्षेत्र प्रभावित
उल्लेखनीय है कि विद्युत विभाग की इस कार्रवाई से बालोद जनपद क्षेत्र की लगभग 12, गुंडरदेही जनपद क्षेत्र की लगभग 20 और गुरूर जनपद क्षेत्र की लगभग 15 ग्राम पंचायतों समेत दर्जनों गांवों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए थे, जिससे हजारों ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा था।
🤝 तीखी बहस के बाद प्रशासनिक आश्वासन: अब किसी भी पंचायत का कनेक्शन नहीं कटेगा
प्रदर्शन के दौरान सरपंच लगातार जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने और जवाब मांगने की जिद पर अड़े रहे।
बढ़ते तनाव को देखते हुए थाना प्रभारी शिशुपाल सिंह ने मोर्चा संभाला और उच्च प्रशासनिक व विद्युत अधिकारियों से वार्ता कराई। अधिकारियों की ओर से यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया कि अब किसी भी पंचायत का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा और कटे हुए कनेक्शन जल्द बहाल किए जाएंगे, जिसके बाद सरपंचों ने अपना आंदोलन स्थगित किया।


