अगले महीने यानी अप्रैल में 3000 भारतीयों का एक जत्था पाकिस्तान जाएगा. बैखासी के पावन पर्व पर होने वाली ये यात्रा 10 अप्रैल से शुरू होगी. इस दौरान वे कई ऐतिहासिक और पवित्र (Indian Sikh devotees will go to Pakistan) गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे. यात्रा का मुख्य आकर्षण 14 अप्रैल को आयोजित होने वाला कार्यक्रम होगा, जो पंजा साहिब गुरुद्वारे में मनाया जाएगा. पाकिस्तान सरकार और संबंधित संस्थाओं ने इस यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं.
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दरअसल, बैसाखी के पावन पर्व पर इस बार भी आस्था की एक बड़ी यात्रा सीमा पार जाने वाली है. भारत से करीब 3000 सिख श्रद्धालु पाकिस्तान जाकर अपने धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे. ये यात्रा हर साल आयोजित होती है, लेकिन इस बार भी इसे लेकर खास उत्साह और तैयारियां देखने को मिल रही हैं. ये जगह सिख धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और बैसाखी के मौके पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं. इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के प्रवक्ता गुलाम मोहियुद्दीन ने पीटीआई को बताया कि बैसाखी उत्सव के सिलसिले में भारत से सिख तीर्थयात्री यहां आ रहे हैं. इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है.
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Indian Sikh devotees will go to Pakistan – द्विपक्षीय समझौते के तहत, भारत से 3,000 तीर्थयात्री 10 अप्रैल को पाकिस्तान पहुंचेंगे. इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए खास तौर पर कई धार्मिक स्थलों का दौरा तय किया गया है. जिसमें तीर्थयात्री ननकाना साहिब, फारूकाबाद, शेखूपुरा, करतारपुर , एमिनाबाद और लाहौर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों का दर्शन करेंगे. तीर्थयात्रियों के लिए पुख्ता सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाएं और परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. ये सभी स्थल सिख धर्म के इतिहास और परंपरा से जुड़े हुए हैं और हर साल हजारों लोग यहां पहुंचते हैं.


