बागपत : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत में मंगलवार को हुई सनसनीखेज फायरिंग मामले में एक और बड़ा अपडेट सामने आया है। कारोबारी पिता-पुत्र की हत्या करने वाला मुख्य हमलावर और बड़ौत कोतवाली का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी अब जीवित नहीं है। मेरठ हायर सेंटर में इलाज के दौरान देर रात उसकी (Baghpat Triple Murder) भी मौत हो गई है। इस खूनी संघर्ष में अब तक कुल तीन मौतें हो चुकी हैं, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है।
2015 की रंजिश: खून का बदला खून
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, इस खूनी खेल की जड़ साल 2015 की एक पुरानी रंजिश में छिपी है। 2015 में हुई एक फायरिंग में वरुण लुहारी के भाई कपिल उर्फ पिंटू की मौत हो गई थी। माना जा रहा है कि उसी हत्या का बदला लेने के लिए वरुण ने मंगलवार को ‘आर्य टेंट हाउस’ पर धावा बोला था। वरुण पर हत्या, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत 19 गंभीर मुकदमे दर्ज थे।
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Baghpat Triple Murder – बड़ौत कोतवाली में हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। बागपत के एसपी सूरज राय ने बताया कि मुख्य आरोपी बाबूराम को गिरफ्तार कर लिया गया है और फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
