भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आज मंगलवार को असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए ‘संकल्प पत्र’ के रूप में अपना घोषणापत्र जारी कर दिया. घोषणापत्र के तहत 31 वादे किए गए हैं, इसमें असम के मूल निवासियों की जमीन वापस लौटाने, विरासत और गरिमा की रक्षा करना शामिल है. साथ ही सत्तारुढ़ BJP ने अतिक्रमण के (Assam BJP Manifesto) खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी संकल्प लिया है, जिसमें कथित तौर पर अवैध रूप से बसने वालों द्वारा कब्जाई गई जमीन को वापस लेना भी शामिल है.
Assam BJP Manifesto – ‘संकल्प पत्र’ में बीजेपी ने जीत की हैट्रिक लगाने के लिए कई बड़े चुनावी वादों के जरिए वोटर्स को साधने की कोशिश की है. पार्टी ने इसमें अपने 12 सूत्रीय एजेंडा को प्रमुखता से स्थान दिया है. पार्टी का कहना है कि ये 12 संकल्प असम के विकास की नई दिशा तय करेंगे. ये 12 संकल्प असम को सुरक्षित, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे.
BJP के ‘संकल्प पत्र’ में वादे
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- BJP के ‘संकल्प पत्र’ में कहा गया कि हम असम के मूल निवासियों की जमीन, विरासत और गरिमा की रक्षा करेंगे.
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- असम के लोगों की सभ्यता, विरासत और अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए कानूनी सुरक्षा को और मजबूत करेंगे.
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- असम को भारत के ‘पूर्वी प्रवेश द्वार’ के रूप में स्थापित करने के लिए 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. साथ ही ‘असम गति शक्ति मास्टर प्लान’ का सहारा लिया जाएगा ताकि प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जा सके.
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- केंद्र सरकार के सहयोग से, ‘असम नगर उन्नयन अभियान’ (Asom Nagar Unnayan Abhijan) की शुरुआत करेंगे.
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- असम को बाढ़-मुक्त बनाने के लिए 18,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ ‘बाढ़ मुक्त असम मिशन’ शुरू किया जाएगा.
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- युवाओं के लिए राज्य में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे.
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- असम के युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए सशक्त योजना बनाएंगे.
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- चावल, मसूर दाल, चीनी और नमक रियायती दरों पर देना जारी रखेंगे; यही नहीं सबसे गरीब परिवारों को मुफ्त राशन भी उपलब्ध कराएंगे.
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- राज्य में ‘एक जिला, एक विश्वविद्यालय’ पहल की शुरुआत करेंगे और असम में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए हर जिले में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे.
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- ‘सभी के लिए शिक्षा’ सुनिश्चित करने, विश्व-स्तरीय संस्थान बनाकर और शिक्षकों की संख्या बढ़ाकर असम में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाए जाएंगे.
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- असम की महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत किया जाएगा.
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- असम की मूल संस्कृति के प्रचार, सुरक्षा और संरक्षण को सुनिश्चित किया जाएगा.
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- सरकार किसानों की आय सुरक्षा को मजबूत करने की कोशिश करेगी.
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- कृषि बाजार के बुनियादी ढांचे और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को आधुनिक बनाने और मजबूत करने के लिए ‘असम कृषि उन्नयन अभियान’ की शुरुआत करेंगे.
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- मिसिंग, राभा, सोनोवाल कछारी, थेंगल कछारी, देवरी, तिवा और बोरो कछारी जनजातियों की स्वायत्त परिषदों को संवैधानिक दर्जा दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा.
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- जनजातीय और मूल निवासियों के लिए समावेशी विकास और भूमि सुरक्षा सुनिश्चित किया जाएगा.
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- असम में निवेश करने वाले नए उद्योगों को प्रति कर्मचारी 10,000 रुपये की वेतन सब्सिडी प्रदान करेंगे, ताकि स्थानीय युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार में सहायता मिल सके. साथ ही, ‘एडवांटेज असम’ के तहत स्थापित उद्यमों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे.
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- चाय बागान समुदायों का समग्र विकास की दिशा में काम किया जाएगा.


