छिंदवाड़ा: भारतीय सेना के जवानों को सूचना मिली थी कि जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में कुछ आतंकी भारत को नुकसान पहुंचाने का प्लान बना रहे हैं. सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट आशुतोष वरदेय की कप्तानी में (bravery medal winner) तीन आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया था. राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू ने 15 अगस्त 2024 को आशुतोष वरदेय को वीरता पदक से सम्मानित करने के लिए ऐलान किया था. 21 फरवरी को गृहमंत्री ने उन्हें इस वीरता पदक से सम्मानित भी किया. छिंदवाड़ा पहुंचे आशुतोष वरदेय ने ईटीवी भारत को मुठभेड़ का आंखों देखा हाल बताया.
आमने-सामने की मुठभेड़ में तीन आतंकियों को किया था ढेर
जांबाज सैनिक सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट आशुतोष वरदेय ने ईटीवी भारत को बताया कि “30 अगस्त 2022 को जम्मू कश्मीर के शोपियां में कुछ आतंकी भारत को नुकसान पहुंचाने का प्लान बना रहे थे. पहले इलाके की घेराबंदी की गई और फिर आतंकियों को चेतावनी दी गई कि वह सरेंडर कर दें, लेकिन आतंकवादी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में भारतीय सेना के जवानों ने भी हमला किया और तीन आतंकियों को आशुतोष वरदेय और उनकी टीम ने मार गिराया था. जिसके बाद 15 अगस्त 2024 को राष्ट्रपति ने वीरता पदक से सम्मानित करने के लिए ऐलान किया था.”
9 बार हुआ आमना सामना 18 आतंकियों को मारा
जांबाज सैनिक आशुतोष वरदेय ने बताया कि उन्हें यह वीरता पदक जम्मू कश्मीर में आतंकवादी विरोधी अभियान में अहम भूमिका निभाने के लिए मिला है. उन्होंने अब तक आतंकियों से 9 एनकाउंटर (bravery medal winner) में भूमिका निभाई है जिसमें करीब 18 आतंकियों को मार गिराया है और कई आतंकवादियों को गिरफ्तार भी किया है.

