राजस्थान के भरतपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के बयाना क्षेत्र में क्रेशर प्लांट को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद रविवार शाम को खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव स्थित क्रेशर प्लांट पर मौजूद पूर्व विधायक और बीजेपी नेता अतर सिंह भड़ाना तथा उनके सहयोगियों पर 70 से 80 लोगों की भीड़ ने लाठी-पत्थरों से अचानक हमला कर दिया। इस गंभीर हमले में घायल हुए अतर सिंह भड़ाना ने जयपुर के एसएमएस (SMS) अस्पताल में इलाज के दौरान रात करीब साढ़े ग्यारह बजे दम तोड़ दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके और गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
⚔️ एक साल से बंद पड़े क्रेशर को चालू कराने को लेकर भड़का था विवाद: दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे अतर सिंह भड़ाना भौंड़ा गांव स्थित अपने क्रेशर प्लांट पर मौजूद थे। पिछले करीब एक साल से यह क्रेशर प्लांट बंद पड़ा था और इसे दोबारा चालू करवाने के प्रयास किए जा रहे थे। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और भड़ाना पक्ष के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्रेशर के लिए चारागाह भूमि पर अतिक्रमण किया गया था और अवैध खनन हो रहा था, जिसके चलते वे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं, दूसरी ओर पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि लगातार शिकायतों के बावजूद पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
🔍 गोली लगने के आरोपों की जांच में जुटी पुलिस: अस्पताल और प्रशासनिक स्तर पर पड़ताल जारी
मृतक पूर्व विधायक की पत्नी ने हमले के दौरान अतर सिंह भड़ाना को गोली लगने का भी गंभीर दावा किया है, हालांकि वैर उप जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी शुरुआती जांच में गोली लगने की आशंका से फिलहाल इनकार किया है। थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने के लिए गहनता से जांच कर रही है कि संघर्ष के दौरान वास्तव में फायरिंग हुई थी या नहीं और इस हिंसक झड़प में कुल कितने लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक मामला दर्ज न होने की बात कही है, लेकिन हालात की नजाकत को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।


