तृणमूल कांग्रेस के सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस और सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ ‘जंग’ का ऐलान किया है. अगले साल होने वाले बंगाल चुनाव से पहले अपनी खुद की पार्टी, (Bengal elections) जनता उन्नयन पार्टी (JUP) बनाने का ऐलान किया है. पार्टी बनाने और उम्मीदवार ऐलान करने के 24 घंटे के अंदर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशा चटर्जी को अपने प्रोविजनल कैंडिडेट्स की लिस्ट से हटा दिया है.
हुमायूं कबीर ने निशा चटर्जी को बालीगंज से जनता उन्नयन पार्टी से उम्मीदवार बनाया था. जिस दिन हुमायूं कबीर पार्टी का ऐलान कर रहे थे, उनके साथ मंच पर निशा चटर्जी भी थीं. यह सीट 2006 से सत्तारूढ़ टीएमसी के पास है. इस सीट से भाजपा से टीएमसी में शामिल हुए बाबुल सुप्रियो विधायक हैं.
उन्होंने निशा चटर्जी को प्रस्तावित विधायक के उम्मीदवार से हटाए जाने पर कहा कि मैंने सोशल मीडिया पर निशा की कुछ फोटो और रील देखी हैं. मुझे लगता है कि उन्हें हमारा कैंडिडेट नहीं होना चाहिए. इससे लोगों में गलत मैसेज जाएगा.
Bengal elections – उन्होंने कहा कि एक नए कैंडिडेट-फिर से एक महिला – का नाम जल्द ही बताया जाएगा और इशारा किया कि यह कैंडिडेट, उनकी पार्टी द्वारा अब तक अनाउंस किए गए बाकी सभी कैंडिडेट्स की तरह, मुस्लिम कम्युनिटी से भी हो सकता है.
धर्म की वजह से मुझे हटाया गया… निशा का आरोप
इस बीच, चटर्जी ने आरोप लगाया है कि उन्हें उनके धर्म की वजह से हटाया गया. उन्होंने कहा, “अचानक, मेरे वीडियो के बारे में ‘चर्चा’ होने लगी है. हुमायूं ‘काकू’ (चाचा) ने मुझे उम्मीदवार बनने के लिए कहा…अब, वह अलग-अलग बातें कह रहे हैं (और) मुझ पर इल्जाम लगा रहे हैं.” निशा चटर्जी ने गुस्से में कहा, “मुझे इसलिए हटाया गया क्योंकि मैं हिंदू हूं. मैं उनके बाबरी मस्जिद प्लान के साथ खड़ी थी. फिर उन्होंने मेरे साथ ऐसा क्यों किया?” कबीर को इस महीने तृणमूल लीडरशिप के साथ मतभेदों की वजह से सस्पेंड कर दिया गया था.”
