नई दिल्ली: भीषण गर्मी का असर केवल स्किन और बालों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह हमारे शरीर के ‘दूसरे दिमाग’ यानी पेट (Gut Health) को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। अक्सर गर्मियों में गलत (troubled with stomach problems) खानपान के कारण हम फूड प्वाइजनिंग, लूज मोशन या कब्ज की चपेट में आ जाते हैं।
रेजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के एसोसिएट कंसल्टेंट, डॉ. शूलपाणि मिश्रा का कहना है कि गर्मियों में शरीर में पानी की कमी (Dehydration) और पाचन तंत्र के धीमे पड़ने के कारण आंतों की सेहत बिगड़ने लगती है।
आंतों की सेहत बिगड़ने के संकेत
अगर आपको अक्सर ये समस्याएं हो रही हैं, तो समझें कि आपका पाचन तंत्र गड़बड़ाया हुआ है:
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पेट का ठीक से साफ न होना या सख्त मल (कब्ज)।
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पेट फूलना (Bloating) और लगातार गैस बनना।
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भूख कम लगना और हर समय सुस्ती या भारीपन महसूस होना।
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मुंह से बदबू आना।
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पाचन खराब होने के मुख्य कारण
डॉ. मिश्रा के अनुसार, आंतों में गंदगी जमा होने का अर्थ है पाचन का (troubled with stomach problems) ठीक न होना। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
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पर्याप्त पानी न पीना।
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डाइट में फाइबर की भारी कमी।
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जंक फूड, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन।
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तनाव (Stress), नींद की कमी और लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना (Sedentary Lifestyle)।
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डॉक्टर की सलाह: आंतों की सफाई के लिए ये 4 चीजें हैं रामबाण
अगर आप गर्मियों में कब्ज से राहत और आंतों को साफ रखना चाहते हैं, तो डॉ. मिश्रा ने डाइट में ये बदलाव करने की सलाह दी है:
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तरबूज और खीरा (Watermelon & Cucumber): ये दोनों चीजें न केवल शरीर को हाइड्रेट रखती हैं, बल्कि आंतों को ठंडक भी पहुंचाती हैं। इनमें मौजूद फाइबर पेट के एंजाइम्स को एक्टिवेट करता है और मल त्यागने की प्रक्रिया को आसान बनाता है।
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पपीता (Papaya): पपीता पाचन तंत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें ‘पैपेन’ नामक एंजाइम होता है, जो नेचुरल लैक्सेटिव (Natural Laxative) की तरह काम करता है, जिससे पेट आसानी से साफ हो जाता है।
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इसबगोल (Psyllium Husk): कब्ज से राहत पाने के लिए इसबगोल सबसे बेहतर देसी उपाय है। इसमें भरपूर मात्रा में घुलनशील फाइबर होता है, जो आंतों की सफाई करने में बहुत मददगार है।
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दही (Curd): दही एक बेहतरीन प्रोबायोटिक (Probiotic) फूड है। यह आंतों में ‘गुड बैक्टीरिया’ की संख्या को बढ़ाता है, जिससे पाचन में सुधार होता है और ब्लोटिंग की समस्या कम होती है।
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