भोपाल: खुद को ट्रेनी IAS अधिकारी और मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPT) में एडिशनल डायरेक्टर बताकर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाली आरोपी तृप्ति सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है।
भोपाल के बागसेवनिया थाने में तृप्ति सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की एक और नई FIR दर्ज की गई है। बागसेवनिया थाने में यह उसकी दूसरी FIR है, जबकि अशोकनगर में पहले से दर्ज दो मामलों को मिलाकर अब तक उसके खिलाफ कुल चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। भोपाल पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी तृप्ति सिंह को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन रिमांड पर लेने अशोकनगर रवाना हो चुकी है।
🏨 MPT में होटल लीज दिलाने का झांसा: सिवनी के युवक से ठगे ₹50 लाख
धोखाधड़ी का नया मामला और कार्यप्रणाली:
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सिवनी निवासी ने दर्ज कराई शिकायत: सिवनी के रहने वाले गगन उपवंशी ने बागसेवनिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
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प्रभावशाली पद का नाटक: पीड़िता के अनुसार, उसकी मुलाकात तृप्ति सिंह, उसके भाई सुधांशु सिंह और साथी प्रखर से हुई थी। आरोपियों ने खुद को प्रशासनिक हलकों में अत्यंत प्रभावशाली बताते हुए एमपी टूरिज्म में होटल लीज पर दिलवाने का पक्का भरोसा दिया।
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फर्जी पहचान का जाल: तृप्ति ने स्वयं को ट्रेनी IAS अधिकारी और एमपीटी में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत बताया। उसके भाई और साथी ने भी इसी फर्जी पहचान के दम पर फरियादी को झांसे में लिया और लीज प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर करीब ₹50 लाख ऐंठ लिए।
🕵️♂️ लीज न मिलने पर हुआ शक: पड़ताल में खुला फर्जी IAS होने का राज
संदेह और पुलिस की कार्रवाई:
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संतोषजनक जवाब नहीं: लाखों रुपये देने के बाद भी जब काफी समय तक होटल लीज पर नहीं मिला, तो गगन ने पैसों और लीज के दस्तावेजों की मांग की, जिस पर आरोपी टालमटोल करने लगे।
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सच्चाई आई सामने: शक होने पर जब फरियादी ने पर्यटन विभाग और प्रशासनिक स्तर पर तृप्ति सिंह के पद व पहचान की गोपनीय जांच कराई, तो पता चला कि वह कोई IAS अधिकारी नहीं है और न ही उसका MPT से कोई संबंध है।
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मुकदमा दर्ज: मंगलवार देर रात बागसेवनिया पुलिस ने त्वरित जांच के बाद तृप्ति सिंह, उसके भाई सुधांशु सिंह और साथी प्रखर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
💼 बालाघाट के फरियादी से भी की थी ₹39.17 लाख की ठगी
पूर्व में दर्ज मामले और ठगी का पुराना रिकॉर्ड:
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नौकरी और रिसॉर्ट का लालच: इससे पहले भी बागसेवनिया पुलिस ने बालाघाट निवासी एक पीड़ित की शिकायत पर तृप्ति और उसके गिरोह पर ₹39.17 लाख की ठगी का मामला दर्ज किया था।
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रकम का बंटवारा: उस मामले में आरोपियों ने MPT का होटल-रिसॉर्ट लीज पर दिलाने के नाम पर ₹35.30 लाख और सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ₹3.87 लाख वसूले थे।
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केवल एक लाख लौटाए: भारी दबाव बनाने पर आरोपी तृप्ति ने पीड़ित को महज ₹1 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर कर लौटाए थे, जबकि शेष रकम हड़प ली।
🚔 प्रोडक्शन रिमांड पर लेगी भोपाल पुलिस: पूरे नेटवर्क का होगा पर्दाफाश
आगामी विधिक कार्रवाई और जांच:
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अशोकनगर से होगी रिमांड: तृप्ति सिंह वर्तमान में अशोकनगर पुलिस द्वारा दर्ज मामलों में हिरासत में है। भोपाल पुलिस अब उसे औपचारिक रूप से प्रोडक्शन रिमांड पर लेकर राजधानी लाने की तैयारी में है।
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गहन पूछताछ की तैयारी: बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपियों से ठगी की रकम की बरामदगी, बैंक लेन-देन के ट्रेल और इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य सफेदपोश व सहयोगियों के नेटवर्क को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।


