इजराइल और अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमला किया था, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर समेत कई लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद ईरान ने भी पलटवार किया और खाड़ी देशों में (India should take initiative for peace) अमेरिका के बेस को निशाना बनाया इसके साथ ही तेल अवीव पर भी हमले कर रहा है. इस संघर्ष से मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है, हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं. इस बीच समाजसेवी अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत को शांति के लिए पहल करनी चाहिए.
अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने पत्र में कहा है कि वर्तमान समय में विश्व अत्यंत चिंताजनक परिस्थितियों से गुजर रहा है. अलग-अलग देशों के बीच बढ़ते तनाव और संघर्ष के कारण नागरिकों का जीवन असुरक्षित होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं में निरपराध महिलाएं, बच्चे और परिवारों पर पड़ने वाले प्रभाव की खबरें अत्यंत दुखद और पीड़ादायक हैं.
India should take initiative for peace – पत्र में अन्ना हजारे ने आगे कहा कि भारत की संस्कृति अहिंसा और शांति की रही है. हमारे देश ने हमेशा विश्व को संवाद और शांति का मार्ग दिखाने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्र की ओर से मानवता और शांति का संदेश जाना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि आज दुनिया को हथियारों की नहीं, बल्कि विश्वास और संवाद की जरूरत है. उन्होंने कहा कि युद्ध से सिर्फ विनाश होता है, जबकि संवाद से समाधान और स्थिरता का मार्ग निकलता है.


