चंडीगढ़: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती द्वारा निष्पक्ष चुनाव के लिए ईवीएम (EVM) को तत्काल बंद करने की मांग पर तीखा पलटवार किया है। अंबाला और चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अनिल विज ने अपने चिर-परिचित व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि चुनावी हार के बाद ईवीएम पर ठीकरा फोड़ना बिल्कुल वैसा ही है, जैसे कोई बच्चा परीक्षा में फेल होने के बाद घर आकर रोने लगे कि मास्टर खराब था, स्कूल (Anil Vij on Mayawati) खराब था और क्लास का बेंच भी खराब था।
कैबिनेट मंत्री विज ने कहा कि जब यही विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, तब ईवीएम और व्यवस्था पर एक शब्द भी नहीं बोलते। उन्होंने उदाहरण देते हुए पूछा कि हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में जीत दर्ज करते वक्त विपक्ष ने कोई सवाल क्यों नहीं उठाया? उन्होंने कहा कि विपक्ष जगह-जगह जुलूस निकालकर मतदाता सूचियों (Voter List) में गड़बड़ी का झूठा आरोप लगा रहा है।
Anil Vij on Mayawati – विज ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि विपक्ष यह मान रहा है कि मतदाता सूचियां पूरी तरह गलत हैं, तो इन सूचियों के आधार पर चुने गए उनके सभी मौजूदा सांसदों और विधायकों को तुरंत अपने पदों से त्यागपत्र दे देना चाहिए और फिर सड़कों पर उतरना चाहिए।
संस्थाओं के खिलाफ अभियान चला रही है कांग्रेस
वरिष्ठ अधिवक्ता व सांसद कपिल सिब्बल द्वारा सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता और फैसलों पर उठाए गए सवालों पर मंत्री अनिल विज ने कड़ा ऐतराज जताया। विज ने कहा कि वे पहले भी कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस पार्टी सोची-समझी रणनीति के तहत देश की तमाम स्वायत्त और संवैधानिक संस्थाओं की साख गिराने का सुनियोजित अभियान चला रही है।


