प्रकाशम : आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले से दिल को झकझोर देने वाली अत्यंत दुखद घटना सामने आई है। सिंगरायकोंडा मंडल के मूलागुंटापाडु स्थित श्री चैतन्य नवोदय कोचिंग सेंटर के बाहर अपने 11 वर्षीय बेटे की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर कीटनाशक पीने वाली मां मौलबी का (Andhra Pradesh News) इलाज के दौरान निधन हो गया।

Andhra Pradesh News – हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 12 सितंबर की सुबह तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। 10 सितंबर को कोचिंग संस्थान के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए मौलबी ने कीटनाशक गटक लिया था, जिसके बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले ओंगोल और फिर बेहतर चिकित्सा हेतु हैदराबाद रेफर किया गया था।

आत्महत्या करने से पूर्व मौलबी ने परिजनों और समाज से यह भावुक गुहार लगाई थी कि उनकी मृत्यु के उपरांत उनके पार्थिव शरीर को उनके बेटे की कब्र के ठीक बगल में ही सुपुर्द-ए-खाक किया जाए। कनिगिरी निवासी 11 वर्षीय मासूम छात्र तौशिक की छह माह पूर्व इसी कोचिंग सेंटर के हॉस्टल बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने उचित जांच किए बिना मामले को सीधे आत्महत्या का रूप दे दिया, जबकि कोचिंग प्रबंधन की संदिग्ध भूमिका की गहन जांच नहीं की गई। इसी मांग को लेकर मां पिछले 10 दिनों से संस्थान के गेट पर धरने पर बैठी थीं।मृतका मौलबी का गंभीर आरोप था कि कोचिंग सेंटर के पास संचालन की विधिवत मान्यता नहीं थी।

सिंगरायकोंडा थाने के बाहर परिजनों का जोरदार प्रदर्शन 

मौलबी की मौत का समाचार मिलते ही परिजनों, स्थानीय निवासियों और जन सेना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सिंगरायकोंडा पुलिस थाने के बाहर उग्र धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों और समर्थकों ने दो टूक शब्दों में ऐलान किया कि मां और बेटे की मौत के जिम्मेदार कोचिंग सेंटर प्रबंधकों व दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

 

 

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