आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। चिमाकुर्ती मंडल के केवी अग्रहारम गांव में एक पिता ने मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद के चलते अपनी तीन बेटियों—अच्युत (11), पूजिता (9) और लोहिता (8) की हत्या कर दी और बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली।
😰 क्या थी खौफनाक कदम की वजह?
मृतक सुधाकर एक ग्रेनाइट खदान में बस ड्राइवर के तौर पर कार्यरत था। पिछले काफी समय से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था, जिसके चलते उसकी पत्नी बच्चों को छोड़कर मायके चली गई थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पत्नी के अलग रहने के कारण सुधाकर गहरा मानसिक तनाव झेल रहा था। कई बार सुलह की कोशिशों के नाकाम रहने से वह अंदर से पूरी तरह टूट चुका था।
🕵️ घटना का खुलासा
घटना वाले दिन सुधाकर ने अपनी मां को यह कहकर घर से बाहर भेजा कि बच्चियां सो रही हैं और वह उनके लिए नाश्ता लेने जा रहा है। कुछ देर बाद गांव के बाहरी इलाके में उसका शव पेड़ से लटका मिला। जब परिजन घर पहुंचे, तो तीनों बेटियां बिस्तर पर मृत पाई गईं। उनके शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उन्हें जहर देकर या गला घोंटकर मारा गया है।
⚖️ पुलिस की जांच और गांव में शोक
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारी पारिवारिक विवाद को ही इस जघन्य घटना की मुख्य वजह मान रहे हैं। एक साथ चार मौतों की इस घटना ने ग्रामीणों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।


