रीवा : मध्य प्रदेश के रीवा में हुआ चोटी कांड सुर्खियों में है. 10 दिन पहले हुई इस घटना पर अब पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे यादव होने पर पीटा और उसकी 12 इंच लंबी चोटी काटी थी. उसने (Akhilesh Yadav on Mohan Government) ये आरोप रीवा के ही रहने वाले एक ब्राह्मण युवक पर लगाए हैं और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. वहीं, अब यादव-ब्राह्मण एंगल आते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव की भी इस मामले में एंट्री हो गई है और उन्होंने मध्य प्रदेश की इस घटना पर सोशल मीडिया पर टिप्पणी की है.
क्या है रीवा का चोटी कांड?
ये मामला 2 जनवरी का है, जब रोहित यादव को कुछ लोगों ने पेट्रोल चोरी के शक में पीट दिया था. बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के मझिगवां गांव में रहने वाले रोहित ने इसकेे बाद अपनी कटी हुई चोटी के साथ फोटो और वीडियो जारी किए थे. रोहित ने पुलिस को बताया कि उसे किसी दीपक पांडे नाम के युवक ने पीटा और सात सालों से रखी चोटी उखाड़ दी. रोहित यादव ने कहा, ” मेरी चोटी ये कहते हुए उखाड़ दी कि आज चोटी रखोगे, कल कथा करने लगोगे.
रीवा चोटी कांड में अखिलेश यादव की एंट्री
रीवा के चोटी कांड पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की भी एंट्री हो गई है. इस घटना के बहाने अखिलेश ने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार को घेरने का प्रयास किया है. उन्होंने रीवा की घटना पर सोशल मीडिया पर लिखा, ” भाजपा समाज के भीतर नफरत और वैमनस्य फैला रही है. रीवा में यादव युवक (Akhilesh Yadav on Mohan Government) के साथ हुई मारपीट केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे समाज को बांटने की सोच भी झलकती है.”
