अकलतरा: नगर पालिका क्षेत्र के अधिकांश वार्डों में पानी की गंभीर समस्या ने नागरिकों का जीना दुश्वार कर दिया है। नलों में पानी नहीं आने से लोग भारी आक्रोश में हैं और आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। महिलाएं और बुजुर्ग रात भर नलों के पास बैठकर बूंद-बूंद पानी के इंतजार में अपनी नींद पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

⏳ वर्षों पुरानी और जटिल समस्या

स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं, बल्कि कई दशकों से चली आ रही है। 1960 के दशक में परसाही नाला से शुरू की गई जल व्यवस्था आज की बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने में अक्षम साबित हो रही है। समय के साथ जल आपूर्ति प्रणाली में सुधार न होने के कारण स्थिति अब फिर से पुराने दौर जैसी विकराल हो गई है। पेयजल के साथ-साथ निस्तारी के पानी का संकट भी गंभीर है, और पुरानी पाइपलाइनों से दूषित पानी आने की शिकायतें स्वास्थ्य जोखिम को बढ़ा रही हैं।

🏗️ विधायक की प्रतिक्रिया: ठेकेदार की मनमानी पर होगी सख्ती

स्थानीय विधायक राघवेंद्र सिंह ने माना कि जल आवर्धन और नल-जल योजना पर करोड़ों खर्च होने के बाद भी जनता को राहत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि काम अधूरा छोड़ने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पुराने पंप हाउस को शहरी फीडर से जोड़कर और नए बोर करवाकर जलापूर्ति सुधारी जाएगी।

⚙️ प्रशासन का दावा: जल्द मिलेगा स्थायी समाधान

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि फंड की कोई कमी नहीं है और अधोसंरचना के कार्य जारी हैं। जिला प्रशासन पाइपलाइन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के साथ ही कोटमी सोनार डैम से पानी की आपूर्ति शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद ही अकलतरा के जल संकट का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

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