प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद अब दिल्ली पुलिस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा कस दिया है. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार (Delhi police’s big attack) किया है. यह कार्रवाई यूजीसी की शिकायत के आधार पर दर्ज दो अलग-अलग एफआईआर के तहत की गई है. इन दोनों एफआईआर में यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी पर फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से पुलिस को चार दिन की कस्टडी रिमांड मिली है. अल फलाह यूनिवर्सिटी का नाम दिल्ली बम ब्लास्ट के दौरान सुर्खियों में आया था. तब इस यूनिवर्सिटी में काम करने वाले दो डॉक्टर्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इन दोनों डॉक्टर्स के नाम हैं मुजम्मिल अहमद गनई और शाहीन सईद. अब यूनिवर्सिटी के चेयरमैन की गिरफ्तारी हुई है.

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दिल्ली में हुए आतंकी हमले के बाद से ही हरियाणा के फरीदाबाद में मौजूद अल फलाह यूनिवर्सिटी संदेह के घेरे में रही. आतंकी मॉड्यूल के खुलासे में भी यूनिवर्सिटी की भूमिका पर सवाल उठे. कई गिरफ्तारियां हुईं. इस बीच यूनिवर्सिटी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो एफआईआर दर्ज कीं. इसी मुकदमे के आधार पर ईडी ने भी जांच तेज की.

Delhi police’s big attack – अल फलाह यूनिवर्सिटी पर आरोप है कि अवैध तरीके से लाभ कमाने के लिए यूनिवर्सिटी ने छात्रों, उनके परिजनों और यूनिवर्सिटी से जुड़े अन्य लोगों को गुमराह करने की साजिश रची. उन्हें एनएएसी से प्रमाणित और यूजीसी मान्यताप्राप्त बताकर झूठ बोला. भ्रम फैलाने वाले कई दावे किए. इन्हीं आरोपों के आधार पर अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दिकी की गिरफ्तारी हुई है.

 

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