मध्य पूर्व क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष को शांत करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि चीन इस शांति प्रक्रिया में एक बड़ी भूमिका निभाने में जुट गया है. इससे पहले दोनों देशों के बीच हुआ शांति समझौता टूट चुका था, जिसे बहाल करने के लिए ईरान के (Abbas Araghchi Beijing Visit) विदेश मंत्री अब्बास अरागची वर्तमान में चीन के दौरे पर हैं और वे अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात कर रहे हैं. चीन ने दोनों पक्षों से शांति समझौता बहाल करने का जोरदार आह्वान किया है.

Abbas Araghchi Beijing Visit – ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बातचीत के लिए बीजिंग में मौजूद हैं. अरागची की वांग यी के साथ बुधवार को यह महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है. खास बात यह है कि उनका यह दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच सितंबर के आखिर में वाशिंगटन में होने वाली फिक्स मीटिंग से ठीक पहले हो रहा है, जो इस पूरे संकट में चीन की मध्यस्थता की भूमिका को रेखांकित करता है.

 नई दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद चीन की बड़ी पहल 

अरागची और वांग की यह मुलाकात पिछले हफ्ते ही नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान भी हुई थी. चीन, ईरान के सबसे बड़े आर्थिक साझेदारों में शुमार है और उसके तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा खरीदता है. पिछले हफ्ते नई दिल्ली में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ‘ग्लोबल साउथ’ की ताकतों से मिडिल ईस्ट के टकराव में शांतिदूत की भूमिका निभाने का अनुरोध किया था, और यह दौरा उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

 

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