आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने गणतंत्र दिवस परेड के लिए पंजाब की झांकी को अस्वीकार करने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की। आप पंजाब के नेताओं ने कहा कि झांकी में पंजाब के शहीदों के जीवन और इतिहास को दर्शाया गया है जिन्होंने हमारे देश और हमारी आजादी के लिए अपनी जान दी, लेकिन सत्ताधारी भाजपा हर चीज का भगवाकरण और राजनीतिकरण कर हमारी झांकी को खारिज कर दिया।
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पंजाब के साथ हो रहा है सौतेला व्यवहार
आप के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “भाजपा पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। हमने आजादी के लिए अपनी जान देने वाले पंजाब के शहीदों के जीवन और इतिहास को प्रदर्शित करने वाली झांकी तैयार की, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे खारिज कर दिया।” चीमा ने कहा कि भाजपा द्वारा पंजाब की झांकी को अस्वीकार करने का मतलब है कि वे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को महत्व नहीं देते हैं।
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पंजाब की कैबिनेट मंत्री अनमोल गगन मान ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “गणतंत्र दिवस परेड से पंजाब की झांकी को बाहर किए जाने से निराश हूं। क्या हम अपने समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास को मिटा रहे हैं? यह निर्णय जांच के योग्य है। क्या अब यह चुनिंदा लोगों की परेड बन गया है और क्या हम अपने नायकों के बलिदान को धुंधला कर रहे हैं?
अपनी झांकी दिखाना चाहती है भाजपा
मंत्री हरजोत बैंस ने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “फांसी पर चढ़ने वाले 121 स्वतंत्रता सेनानियों में से 93 सिख/पंजाबी थे। इसी तरह, आजीवन कारावास की सजा पाने वाले 2,646 स्वतंत्रता सेनानियों में से 2,147 पंजाबी थे। लेकिन पंजाब को फिर से 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड से लगातार दूसरे वर्ष बाहर कर दिया गया।
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इसी तरह लालचंद कटारूचक ने कहा कि भगत सिंह, लाला लाजपत राय, उधम सिंह, सुखदेव को नजरअंदाज कर भाजपा अपनी झांकी दिखाना चाहती है। पंजाब के इतिहास, शहीदों और महिला सशक्तिकरण को प्रदर्शित करने वाली पंजाब की झांकी को केंद्र सरकार ने फिर से खारिज कर दिया जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि हमारे देश के निर्माण और इसके विकास में पंजाब का योगदान बहुत बड़ा है, लेकिन गणतंत्र दिवस परेड से पंजाब की झांकी को खारिज करके केंद्र सरकार हमारे राज्य के साथ अन्याय कर रही है।
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पंजाब देश की एकता का प्रतीक है
केंद्र के कदम की आलोचना करते हुए आप के राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा ने कहा, “पंजाब को गणतंत्र दिवस परेड से बाहर करने के फैसले से बेहद निराश हूं। पंजाब, हमारे देश की कृषि समृद्धि की आधारशिला है और हमारे देश की एकता की भावना का प्रतीक है। इस उत्सव में इसकी अनुपस्थिति है पंजाब की जीवंत संस्कृति और अथक योगदान को धूमिल करता है।” उन्होंने अधिकारियों से परेड में पंजाब की झांकी को अनुमति नहीं देने के फैसले पर पुनर्विचार करने का भी अनुरोध किया।
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पंजाब सरकार ने तीन विचार प्रस्तुत किए थे, पंजाब-बलिदान और शहादत का इतिहास, माई भागो- सिख धर्म की प्रथम महिला योद्धा (महिला सशक्तिकरण) और पंजाब की समृद्ध विरासत। आप ने कहा कि हमारी झांकी को खारिज कर केंद्र सरकार राज्य और राष्ट्र निर्माण में उसके अतुलनीय योगदान का मजाक बना रही है। सीएम मान ने यह भी घोषणा की कि पंजाब की झांकी को ‘केंद्र द्वारा अस्वीकृत’ टैग के साथ राज्य के गणतंत्र दिवस समारोहों में प्रदर्शित किया जाएगा।

