मध्य प्रदेश के इंदौर की खिजराबाद कॉलोनी में बिजली कंपनी ने एक बड़े अवैध बिजली नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि एक वैध बिजली कनेक्शन के सहारे पूरे इलाके के 83 घरों तक गैरकानूनी तरीके से (unique case of electricity theft) बिजली पहुंचाई जा रही थी। इसके जरिए स्थानीय लोगों से हर महीने बिजली बिल के नाम पर 800 से 1500 रुपए तक की अवैध वसूली भी की जा रही थी।
🏗️ लोगों से वसूल रहे थे मोटा मुनाफा
जानकारी के मुताबिक, खिजराबाद कॉलोनी एक अवैध रूप से विकसित बस्ती है, जहां बिजली कंपनी की ओर से स्थायी बिजली कनेक्शन जारी नहीं किए गए थे। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने एक बड़े बिजली कनेक्शन से पूरे इलाके में तारों का जाल बिछा दिया और अलग-अलग घरों तक बिजली सप्लाई शुरू कर दी। स्थानीय लोगों से मकान के आकार और बिजली उपयोग के आधार पर अलग-अलग रकम वसूली जाती थी।
📉 खुद बना लिया ‘निजी बिजली दफ्तर’
बताया जा रहा है कि रहवासियों से वसूले गए पैसों में से केवल मूल बिजली कनेक्शन का बिल जमा किया जाता था, जबकि बाकी रकम आरोपी अपनी जेब में रख लेते थे। इस तरह लंबे समय से कॉलोनी में एक तरह का अवैध ‘जोन कार्यालय’ चलाया जा रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री डीके (unique case of electricity theft) गाठे को एक मीटर पर असामान्य रूप से ज्यादा बिजली खपत की सूचना मिली। एक ही कनेक्शन पर अत्यधिक लोड देखकर विभाग को संदेह हुआ और जांच टीम मौके पर पहुंची।
