मराठी भाषा और मराठी अस्मिता को लेकर विपक्ष द्वारा की जा रही राजनीति पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने साफ कहा कि विपक्ष मराठी भाषा को राजनीतिक हथियार बना रहा है, जबकि भाजपा के लिए ‘मराठी’ किसी एकवचन तक सीमित नहीं, बल्कि मराठी अस्मिता के रक्षा के लिए ही (fight broke out over Marathi card) भाजपा का जन्म हुआ है. मराठी भाजपा की सामूहिक सोच का प्रतीक है.
मुंबई हो या ठाणे, कल्याण डोम्बिवली हो या वसई विरार, मीरा भाईंदर हो या उल्हासनगर हर महानगर पालिका में भाजपा मराठी मानुष की लड़ाई लड़ रही है. मराठी मानुष के लिए पक्के मकान उनके अपने शहर में, रोजगार, संस्कृतिक धरोहर सब कुछ भाजपा ही कर रही है.
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रविंद्र चव्हाण ने मतदान के पहले जारी किए गए बयान में कहा कि भाजपा का मराठी दृष्टिकोण ‘हम हमारे सब’ की भावना से प्रेरित है, जिसमें मराठी भाषा, संस्कृति और अस्मिता—तीनों का समग्र विकास शामिल है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा की सोच सकारात्मकता फैलाने वाली है और इसका उद्देश्य मराठी भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रचार-प्रसार को आगे बढ़ाना है.
fight broke out over Marathi card – उन्होंने कहा कि विपक्ष मराठी भाषा का राजनीतिकरण कर रहा है. विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मराठी भाषा को विष-अमृत के खेल की तरह न देखा जाए. विपक्ष की भूमिका नकारात्मक है और संत ज्ञानेश्वर माउली के ‘विश्वात्मके देवे’ जैसे वैश्विक और समन्वयी विचार से उसकी कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखती.


