बरेली/लखनऊ : बरेली शहर के सीबीगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम को छेड़खानी का विरोध करने पर कोचिंग से घर लौट रही नाबालिग छात्रा को दो लड़को ने कथित रूप से चलती ट्रेन के आगे फेंक दिया, जिससे उसका एक हाथ और दोनों पैर कट गए। पुलिस के मुताबिक मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। लखनऊ में जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर कड़ा रुख अपनाया है और इस मामले में लापरवाही के लिए सीबी गंज पुलिस थाना के प्रभारी निरीक्षक, (Girl Was Thrown In Front Of Train) एक उप-निरीक्षक और एक कांस्टेबल सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया है।
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पुलिस के मुताबिक मंगलवार शाम को हुई इस घटना में छात्रा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। उसकी कई हड्डियां भी टूट गई। अस्पताल में भर्ती छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है। बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने घायल छात्रा को पांच लाख रुपये की सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने एवं उसका समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के मुताबिक सीबीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली इंटर की 17 वर्षीय छात्रा के पिता बताया कि उनकी बेटी रोज शाम को सीबीगंज में कोचिंग पढ़ने जाती थी। उसके आने-जाने के दौरान एक युवक और उसका साथी उससे छेड़छाड़ करते थे। छात्रा से जानकारी मिलने पर परिजनों ने आरोपियों के घर वालों से शिकायत की, मगर वे दोनों नहीं माने।
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Girl Was Thrown In Front Of Train – छात्रा मंगलवार को भी कोचिंग गई थी और शाम को लौटने के वक्त वह खड़ौआ रेलवे क्रॉसिंग के पास लहूलुहान हालत में मिली। उसके दोनों पैर कटे हुए थे। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जानकारी के मुताबिक आरोपी दोनों युवकों ने छात्रा को को रास्ते में रोककर छेड़छाड़ की थी और विरोध करने पर उसे कथित रूप से चलती ट्रेन के आगे फेंक दिया, जिससे उसके दोनों पैर और एक हाथ कट गया।

